पानीपत। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच विदेश से शहर में लौटे 30 लोगों का अब तक सुराग नहीं लगा है। स्वास्थ्य विभाग पुलिस की मदद से इन्हें ट्रेस करने का प्रयास कर रहा है। ये कागजात के अनुसार मिले पते पर नहीं मिले। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी बढ़ गई है।
गौरतलब है कि जिले में विदेश से अब तक करीब 800 लोग लौटे हैं। इनके कागजातों की जांच करने के बाद 575 लोग पानीपत के रहने वाले मिले हैं। बाकी लोग दूसरे जिलों के रहे। ये दूसरे जिलों में रहते हैं, लेकिन कागजातों में एड्रेस पानीपत का था।
कतर, यूएई, ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड से 12 लोग पहुंचे
सोमवार को कतर, यूएई, ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड से 12 लोग शहर में आए हैं। इन सबको ट्रेस कर लिया गया है। इनका आरटीपीसीआर टेस्ट हो चुका है। इनको आठ दिनों के लिए होम क्वारंटीन किया जा चुका है। इंग्लैंड से आने के बाद कोरोना संक्रमित मिली युवती व उसके पिता की जीनो सिक्वेंसिंग रिपोर्ट आज मिल सकती है। वे फिलहाल बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित अस्पताल में आइसोलेट हैं।
58 प्रतिशत लोगों को लगी कोरोना रोधी टीके की दोनों डोज
जिले में कुल 9.70 लाख लोगों को कोरोना रोधी टीका लगना है। अब भी जिले में 70 हजार लोगों को टीके की कोई भी डोज नहीं लगी है। जिले के 58 प्रतिशत पात्रों को कोरोना रोधी टीके की दोनों डोज लग चुकी है। 1.10 लाख ऐसे पात्र हैं जिन्होंने समय बीत जाने के बाद भी टीके की दूसरी डोज नहीं लगवाई है।
दोगुनी हुई सैंपलिंग
ओमिक्रॉन के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग को बढ़ाने पर जोर दिया है। पिछले दो सप्ताह में सैंपलिंग दोगुनी हो गई है। दो सप्ताह पहले तक सिविल अस्पताल में औसतन 550-600 लोगों की कोरोना जांच होती थी। अब कोरोना की सैंपलिंग 1200 से ज्यादा है।
विदेश से आए लोगों को ट्रेस करने का कर रहे हैं प्रयास
विदेश से आए अब तक 30 लोग ट्रेस नहीं हुए हैं। जो लोग ट्रेस हो चुके हैं उनका आरटीपीसीआर टेस्ट कर रहे हैं। इनको होम क्वारंटीन किया जा रहा है। लोगों को ट्रेस करने में पुलिस की भी मदद ली जा रही है। हमारी टीमें भी फील्ड में काम कर रही है। -डॉ. सुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन