पानीपत। भारतीय रेलवे ने पानीपत स्टेशन पर गरीब रथ ट्रेन के ठहराव की मंजूरी नहीं दी है। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें अब सफर करने के लिए दूसरी ट्रेनों का सहारा लेना पड़ेगा। रेलवे ने ठहराव न करने पर वंदे भारत ट्रेन का भी उदाहरण दिया है। इसमें मुश्किल से आठ से 10 लोग ही हर रोज सफर कर रहे हैं।
पानीपत स्टेशन पर रोजाना करीब 25 हजार यात्रियों का आना-जाना होता है। स्थानीय यात्रियों ने अंबाला से दिल्ली के बीच गरीब रथ ट्रेन के पानीपत में ठहराव करने की मांग की थी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने इसके लिए प्रस्ताव बनाकर दिल्ली मंडल के डीआरएम को पत्र लिखा था। ट्रेन के ठहराव के लिए निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में यात्रियों की संख्या कम मिली। ऐसे में रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन का ठहराव नहीं किया है। यात्री सुखबीर और हरपाल ने बताया कि स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव होने से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी। इससे यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी। यात्रियों को गरीब रथ ट्रेन के ठहराव की उम्मीद थी। अब उनको दूसरी ट्रेनों का सहारा लेना पड़ेगा।
गरीब रथ ट्रेन के ठहराव के लिए रेलवे ने पहले निरीक्षण किया। निरीक्षण में यात्रियों की संख्या कम मिलने के कारण ट्रेन के ठहराव को मंजूरी नहीं दी गई। त्योहार के समय में अतिरिक्त ट्रेन चलाई जाती हैं। -मुकेश बुरडे, वाणिज्य निरीक्षक।