माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। सेक्टर 7 में तालाब की 32 एकड़ 69 मरले जमीन पर प्राइवेट लोगों द्वारा कब्जा कर मिट्टी भरने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने मामले (अखिलेश चोपड़ा बनाम स्टेट ऑफ हरियाणा व अन्य) की सुनवाई 21 जनवरी 2026 तक के लिए स्थगित कर दी है। इस मामले की सुनवाई अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की कोरम में हुई। इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की तरफ से जवाब दाखिल कर दिया गया। वहीं अन्य विभागों की तरफ से एनजीटी को जवाब देने के लिए उनके अधिवक्ता ने चार सप्ताह का समय मांगा। जिसे एनजीटी ने स्वीकार कर लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ट्रिब्यूनल ने सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया है।
यह दी थी शिकायत, 9 विभागों को देना था जवाब
सेक्टर 7 में तालाब से जुड़े मामले में 15 जुलाई को याचिकाकर्ता अंबाला सिटी निवासी अखिलेश द्वारा एनजीटी में याचिका दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने शिकायत दी थी कि सुबूत होने के बावजूद जोहड़ की जमीन को मिट्टी से भरा जा रहा है। इस पर विभागीय अधिकारियों पर शिकायत की गई मगर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले की एनजीटी में 21 जुलाई को न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और डॉ. ए सेंथिल वेल की पीठ ने मामले में सुनवाई की, जिसमें पीठ ने मुख्य सचिव के मार्फत हरियाणा सरकार समेत 9 विभागों को नोटिस जारी किया था। नोटिस के माध्यम से एनजीटी ने हलफनामा मांगा था, जिससे कि विभाग से पक्ष लिया जा सके, इसमें मुख्य सचिव के अलावा पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, तालाब प्रबंधन प्राधिकरण, उपायुक्त, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, डीटीपी व नगर निगम शामिल थे।