संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। काॅलेजों में शिक्षा का नया सत्र शुरू हो चुका है। अब रैगिंग पर रोक लगाने के लिए नए सिरे से एंटी रैगिंग कमेटी का गठन किया है जो रैगिंग के मामलों पर नजर रखेगी। खाली पीरियड के समय शिक्षक अलग-अलग ब्लॉक में ड्यूटी देंगे। कमेटी की ओर से शिकायत आने पर विद्यार्थियों पर उचित कार्रवाई की जा सकती है।
कॉलेजों में सीनियर विद्यार्थियों की ओर से प्रथम या जूनियर विद्यार्थियों की रैगिंग करने के मामले अकसर देखने को मिलते हैं, इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए कॉलेजों ने सख्त कदम उठाया है। इस बार नए सिरे से एंटी रैगिंग कमेटी का गठन किया है जो रैगिंग के मामलों पर नजर रखेगी और शिकायत आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। कई बार विद्यार्थी रैगिंग के डर से काॅलेज जाना छोड़कर पढ़ाई को बीच में छोड़ देते हैं। इसलिए कॉलेजों की ओर से इस साल सख्त कदम उठाया गया है।
इसराना के एनसी मेडिकल कॉलेज में हुई थी रैगिंग
अगस्त माह में इसराना के एनसी मेडिकल कॉलेज से रैगिंग का मामला सामने आया था। सीनियर विद्यार्थी ने जूनियर की पिटाई कर दी थी। जूनियर को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। मामला पुलिस में पहुंचा तो सीनियर विद्यार्थी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। एसडी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने बताया कि रैगिंग के मामलों पर नजर रखने के लिए शिक्षकों की कमेटी गठित की गई है। तीन संकायों में अलग-अलग शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है जो रैगिंग के मामलों पर नजर रखेंगे। इससे विद्यार्थियों को कॉलेज आते समय रैगिंग का डर नहीं रहेगा।
खाली समय में शिक्षक ब्लॉकों में रखेंगे नजर
आर्य पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने बताया कि रैगिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए काॅलेज में शिक्षकों की कमेटी गठित की है जो खाली पीरियड के समय अलग-अलग ब्लॉकों में जाकर विद्यार्थियों के बीच रहकर रैगिंग के मामलों का पता लगाएगी और कमेटी की सिफारिश पर रैगिंग करने वाले विद्यार्थियों पर उचित कार्रवाई भी की जाएगी।