पांच किलो 560 ग्राम गांजा बरामदगी का मामला, ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने चाचा को दी राहत
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। एनडीपीएस मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गांजा तस्करी के मामले में समालखा की लोढ़ा बस्ती निवासी रामपाल को तीन साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, उसके चाचा रामदयाल को ठोस साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। मामला चार जनवरी 2021 का है, जब पुलिस ने रामपाल से पांच किलो 560 ग्राम गांजा बरामद किया था।
जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम गढ़ी छाज्जू रोड स्थित देशवाल फार्म के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान भापरा की तरफ से आ रहा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपनी पहचान लोढ़ा बस्ती निवासी रामपाल के रूप में बताई। राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर उसके पास से पांच किलो 560 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रामपाल ने गांजा अपने चाचा रामदयाल से खरीदने की बात कही थी। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। सुनवाई के दौरान रामदयाल के खिलाफ ठोस साक्ष्य पेश नहीं हो सके। अदालत ने केवल इकबालिया बयान को दोष साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माना और उसे बरी कर दिया। वहीं, रामपाल के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे तीन साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।