बाबैन । अनाज मंडी में गेहूं के कट्टों को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढकते श्रमिक। संवाद
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कुरुक्षेत्र। बड़े-बड़े दावों के बावजूद अनाजमंडियों में अभी से ही लापरवाही उजागर होने लगी है। गेहूं खरीद शुरू हुए एक सप्ताह बीत चुका है और अब तक 81390 क्विंटल खरीद की जा चुकी है लेकिन उठान खरीद शुरू होने के एक सप्ताह बाद भी शुरू तक नहीं हो पाया है।
इसी के चलते खरीदा गया गेहूं भी कहीं तेज तो कही हल्की बूंदाबांदी में भीगता रहा। वहीं करीब एक घंटा तक गेट पास भी नहीं बन पाए, जिसके पीछे पोर्टल पर तकनीकी खामी रही। मंगलवार को दिन भर चलती रही बूंदाबांदी व हल्की बारिश के बीच गेहूं मंडियों में पड़ा रहा। हालांकि आढ़तियों ने अपने स्तर पर इसे तिरपाल से ढंका लेकिन अनेक जगह समय पर ढंका नहीं जा सका तो कहीं देरी से यह कदम उठाया गया।
ऐसे में तेज बारिश हुई तो खरीद किए गए गेहूं पर भी बड़ी मार पड़ सकती है जबकि अनाजमंडियों में करीब डेढ़ लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है। बारिश के मौसम के चलते मंगलवार को जहां गेहूं कटाई पर ब्रेक लग गया वहीं आवक भी कम रही। थानेसर अनाजमंडी में 176 गेट पास काटे गए जबकि पिपली में 279 गेट पास कटे तो 4225 क्विंटल खरीद भी हुई। वहीं जिला भर में महज 18720 क्विंटल गेहूं खरीद की गई, जिसमें खाद् एवं पूर्ति विभाग ने 5530 व हैफेड ने 13190 क्विंटल गेहूं खरीदा। संवाद