माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। दिल्ली एनसीआर में पुराने ट्रक और बस हटाए जाएंगे। यहाां बीएस-6 ट्रक और बस ही चल सकेंगी। इनके साथ सीएनजी और इलेक्टि्रक वाहन ही चलेंगे। ट्रांसपोर्टर बीएस-4 बस और ट्रक नहीं चलाए जा सकेंगे। प्रशासन बीएस-4 बस व ट्रक को बीएस-6 में बदलने के लिए नया सफर योजना शुरू करेगा।
इसके अंतर्गत ट्रक व बस चालकों को जागरूक किया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश को 1063 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ होगा।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की नया सफर योजना फॉर ट्रक एंड बस के लिए बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस पर विशेष बैठक की गई। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इसके तहत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों को हटाकर नए और कम प्रदूषणकारी वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए दो वर्षीय महत्वाकांक्षी नया सफर योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत बीएस-4 और इससे पुराने उत्सर्जन मानकों के ट्रक व बस मालिकों को बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वी उमाशंकर ने बताया कि सरकार का उद्देश्य पर्यावरण प्रदूषण में कमी लाना है।
एनसीआर में 2.07 लाख वाहन होंगे शामिल
एनसीआर में लगभग 2.07 लाख वाहनों को शामिल किया जाएगा। योजना के तहत केंद्र सरकार नए वाहन खरीदने पर पांच वर्ष तक ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज सबवेंशन, वाहन श्रेणी के अनुसार प्रतिमाह 4800 रुपये तक के ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
जिला स्तर पर डीसी की देखरेख में कमेटी बनेगी
योजना की निगरानी केंद्र स्तर पर कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित सशक्त समिति द्वारा की जाएगी। जिला स्तर पर उपायुक्त व जिला प्रशासन इसके क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। नगराधीश टीनू पोसवाल ने बताया कि केंद्र सरकार की नया सफर योजना पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
योजना से वाहन मालिकों को आर्थिक लाभ, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इस मौके पर आरटीए डॉ. नीरज जिंदल मौजूद रहे।