अंबाला सिटी। जिला न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 19,192 मामलों का निपटारा आपसी समझौते के आधार पर किया गया। इस दौरान पक्षकारों के बीच हुए समझौतों से 2.13 करोड़ रुपये राशि का सेटलमेंट भी हुआ। इस अवसर पर उपस्थित पक्षकारों ने लोक अदालत की प्रक्रिया की सराहना करते हुए इसे सस्ता, सरल और त्वरित न्याय का सशक्त माध्यम बताया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रवीण ने बताया कि लोगों से अपील की गई कि अधिक से अधिक लोग अपने लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं। इससे समय और पैसों की भी बचत होती है।
बैंक रिकवरी के 703 मामलों में समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बैंक रिकवरी के 746 मामले सुनवाई के लिए रखे गए, जिसमें से 703 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें 1.56 लाख धनराशि का समाधान किया गया। इसी प्रकार आपराधिक श्रेणी के 1184 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 798 मामलों को सुनवाई में ही निस्तारित कर दिया, इसमें 6.28 लाख रुपये धनराशि का समाधान किया गया। इसी प्रकार बिजली के बिलों से जुड़े 115 मामले आए, जिसमें 58 मामलों को मौके पर ही निस्तारित कर दिया। इसी प्रकार मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के मामलों में 174 मामलों को दर्ज किया गया था, जिसमें 25 मामलों का समाधान मिला, इसमें 2.05 करोड़ रुपये धनराशि का समझौता किया गया। अदालत में पारिवारिक विवादों से जुड़े 242 केस रखे गए जिसमें 96 मामलों में मौके पर समाधान किया गया।
एनआई एक्ट में 548 मामलों में समाधान
इसी प्रकार एनआई एक्ट यानि चेक डिसऑनर के 867 केस रखे गए, जिस पर सुनवाई के बाद 548 मामलों में समाधान मिला, इसके साथ ही 80 हजार रुपये का सेटलमेंट हुआ। वहीं अन्य सिविल से जुड़े 619 केसों में सुनवाई हुई जिसमें 394 मामलों में समाधान दिया गया। वहीं 2500 रुपये की सेटलमेंट हुई। इसी प्रकार अन्य 13593 मामलों में सुनवाई हुई और 13424 मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से समाधान दिया गया। राजस्व से जुड़े 3146 विवाद पंजीकृत किए गए थे, सभी समाधान दिया गया।
किसी का चालान छूटा तो किसी को चेक बाउंस केस से मिली राहत
राष्ट्रीय लोक अदालत में अंबाला सिटी निवासी कारोबारी ने बताया कि उन्हें एक पार्टी ने भुगतान के रूप में चेक दिया था। जब उन्होंने चेक को बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। सात महीनों से उनका विवाद चला आ रहा था, इसका अब सेटलमेंट मिलकर कर लिया है। संबंधित पार्टी ने पूरा भुगतान करने की बात कही है। इसी प्रकार साहा से पहुंचे बलवीर ने बताया कि उनका हेलमेट न होने का चालान पुलिस ने काटा था, जिसे अब समझौते के बाद भर दिया है। इसमें काफी कम खर्च हुआ। जबकि यह मामला दो साल से लंबित था। इसी प्रकार अंबाला सिटी के एक क्षेत्र के निवासी दंपती एक साल से एक दूसरे से अलग अपने-अपने घराें पर रह रहे थे, उनके बीच परिजनों ने कई बार पंचायत कराईं मगर कोई समाधान नहीं निकला। विवाद की वजह मोबाइल पर वीडियो बनाना था। ऐसे में पति पत्नी को समझाया गया तो समाधान हो गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायिक अधिकारी सुनवाई करते हुए। संवाद