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नमो भारत कॉरिडोर : पानीपत में मिट्टी की जांच शुरू, पिलर और भूमिगत ट्रैक के लिए परखी जा रही जमीन की मजबूती

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जीटी रोड सर्विस लेन में गोहाना रोड के सामने मिट्टी जांचने के लिए लगाया बोरवेल। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण की तैयारियों के तहत पानीपत में मिट्टी की जांच का काम शुरू हो गया है। शहरी क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत ट्रैक और एलिवेटेड हिस्से के पिलर की नींव के लिए जमीन की मजबूती परखी जा रही है। गोहाना रोड और लाल बत्ती के पास मशीनों से बोरिंग और ड्रिलिंग का काम किया जा रहा है।

सॉइल टेस्टिंग की जिम्मेदारी संभाल रही सीईबी टेस्ट हाउस कंपनी जिले में 250 से अधिक चिह्नित साइटों पर बोरिंग कर मिट्टी के नमूने जुटा रही है। साइट इंचार्ज लखविंदर यादव ने बताया कि प्रत्येक साइट पर 50 मीटर तक गहराई में बोरिंग की जा रही है। हर 1.5 मीटर की गहराई पर 50 से 100 ग्राम मिट्टी का नमूना लिया जा रहा है। इस तरह एक साइट से करीब 33 से 34 नमूने मिल रहे हैं। जिलेभर से करीब 8,500 नमूने जुटाकर जांच के लिए जयपुर और दिल्ली की प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे।
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पिलर और भूमिगत हिस्से के लिए अहम जांच
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के फेज-1 के तहत बनने वाले इस 136 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा एलिवेटेड होगा, जबकि शहरी क्षेत्र में इसे भूमिगत बनाने का प्रस्ताव है। ऐसे में पिलर की नींव और भूमिगत सुरंग के निर्माण से पहले मिट्टी की जांच महत्वपूर्ण है।
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जांच रिपोर्ट से जमीन की अलग-अलग परतों की मजबूती का पता चलेगा। इसके आधार पर नींव और अन्य तकनीकी संरचनाओं की जरूरत तय की जाएगी। कॉरिडोर पर 17 मुख्य स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह दिल्ली, सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत और करनाल को क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सेवा से जोड़ने की योजना का हिस्सा है।
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