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हत्या में इनामी हत्यारोपी गिरफ्तार

Fri, 17 Jul 2015 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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थाना चांदनी बाग पुलिस ने डीसी ऑफिस के सहायक जितेंद्र की हत्या में इनामी हत्यारोपी जोगिंद्र शहरमालपुर को गिरफ्तार कर लिया है।
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उसने अपनी मौसी के लड़के के साथ मिलकर जितेंद्र की हत्या की थी और उनके बीच हरिद्वार जाने और न जाने को लेकर झगड़ा हुआ था। पुलिस हत्या के एक आरोपी समेत दो को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश करेगी।

थाना चांदनी बाग पुलिस ने डीसी ऑफिस के सहायक जितेंद्र निवासी मनोरपुर जींद की हत्या के आखिरी व 25 हजार के इनामी हत्यारोपी जोगिंद्र निवासी शहरमालपुर को शुक्रवार को उझा गेट से गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी ने पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में डीसी ऑफिस के सहायक जितेंद्र की हत्या के आरोप को कबूल लिया। डीएसपी क्राइम जोगिंद्र राठी ने इसका श्रेय थाना चांदनी बाग प्रभारी इंस्पेक्टर रामकुमार और सीआईए-टू की टीम को दिया।

इंस्पेक्टर रामकुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था और आरोपी की सरगर्मी से धरपकड़ चल रही थी। पुलिस इसमें दूसरे आरोपी सतपाल निवासी महराना को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।

इसी मामले का लेकर पुलिस ने आरोपी जोगिंद्र को शह देने के आरोप में उसके भाई सुखविंद्र को गिरफ्तार किया था। सुखविंद्र का भिवानी मेडिकल के पास मेडिकल स्टोर है और वह आरोपी जोगिंद्र के ठहरने और पैसों में मदद करता था।


विदित है कि 18 अप्रैल को थाना चांदनी बाग के अंतर्गत दिल्ली पैरेलल नहर के पास एक व्यक्ति का अर्द्धनग्न अवस्था में शव मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या कर रखी थी। पुलिस ने शव की शिनाख्त जितेंद्र निवासी मनोरपुर जींद के रूप में की।

उसके परिजनों ने बताया कि वह पानीपत डीसी ऑफिस में सहायक के पद पर कार्यरत था। वहीं आरोपी जोगिंद्र ने बताया कि उन्होंने जितेंद्र के साथ होटल लीजेम में बैठकर ड्रिंक की थी और यहां से घर के लिए निकल गए थे। उसने बताया कि वह गाड़ी चला रहा था और उसकी मौसी का लड़का सतपाल उसके साथ अगली सीट और जितेंद्र गाड़ी में पिछली सीट पर बैठा था।

जितेंद्र ने उनको हरिद्वार चलने की बात कही। उन दोनों ने उसको मना कर दिया, लेकिन आरोपी अपनी बात पर अड़ा रहा। जोगिंद्र ने बताया कि उसे गुस्सा आ गया और सतपाल को कहा कि जितेंद्र को गोली मारकर सही तरीके से ही हरिद्वार भेज दे।

उसने गाड़ी में बैठे-बैठे जितेंद्र की गर्दन पकड़कर आगे खींच लिया और सतपाल ने उसको गोली मार दी। जितेंद्र की गोली लगते ही मौत हो गई। उन्होंने उसकी आईडी निकालकर और कपड़े उतार लिए और सतपाल का शव सुनसान जगह फेंकने की बात कहकर भाग गया।
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सतपाल ने उसका शव दिल्ली पैरेलल नहर पर दीवाना के नजदीक फेंक दिया और उसके कपड़े भी नहर में बह जाने को फेंक दिए। बताया जा रहा है कि नशे के चलते कपड़े नहर के पानी तक नहीं पहुंच सके और शव से कुछ दूरी पर ही पुलिस को बरामद हो गए।
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