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वेतन मांगने पर जीजा के भाइयों ने की थी हत्या

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दिलीप। फाइल फोटो - फोटो : Panipat
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पानीपत। उत्तरप्रदेश के कुशीनगर निवासी 28 वर्षीय दिलीप की चार जून को मौत शराब पीने से नहीं जीजा के भाइयों की पिटाई से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, वे 15 माह का वेतन मांगने से नाराज थे। दिलीप के पिता की शिकायत पर आठ मरला चौकी पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
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मूलरूप से यूपी के जिले कुशीनगर के गांव सपही टडवा निवासी रामविलास यादव ने बताया कि उनके सात बेटी और दो बेटे हैं। उसकी एक बेटी दुर्गावती पति सुरेंद्र के साथ पानीपत के गोहाना रोड स्थित संजय कॉलोनी में रहती है। करीब 15 माह पहले उसके पास रहने के लिए बेटा दिलीप यादव (28) पानीपत आया था। वह जीजा सुरेंद्र के भाई मोहन यादव के पास ठेके पर काम करता था। मोहन दिलीप को सिर्फ नाममात्र के रुपये देता था और वेतन के बाकी रुपये इकट्ठा देने की बात कहकर टाल देता था। चार जून को मोहन यादव ने कॉल कर वेतन के बकाया डेढ़ लाख रुपये देने के बहाने बेटे को घर बुलाया था।
आरोप है कि मोहन यादव ने अपने भाई मोतीचंद यादव, भतीजे विनोद यादव और विधांचल यादव ने मिलकर बेटे को पहले शराब पिलाई और उसके बाद जमकर उसके साथ मारपीट की। इसी वजह उसके बेटे की मौत हो गई। मृतक के पिता का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस में झूठे बयान देकर पोस्टमार्टम कराया था। वहीं वह अपने बेटे के शव को लेकर गांव चले गए थे। अब क्रिया कर लौटे और पूरे मामले की जांच की तो मारपीट का खुलासा हुआ।
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जीजा के भाई ने दिए थे बयान, बोले- शराबी था, इसलिए हो गई होगी मौत
चार जून को सूचना मिलते ही आठ मरला चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। वहीं पांच जून को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक दिलीप यादव के जीजा सुरेंद्र के बड़े भाई राजेंद्र ने पुलिस को बयान दिए थे कि दिलीप शराब का आदी था। वह रोजाना नशे में धुत रहता था। चार जून को भी उसने ज्यादा शराब पी, जिस वजह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बयान दर्ज कर शव परिजनों को सौंप दिया था। दिलीप के शरीर पर भी चोट का कोई निशान नहीं था।
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दुर्गावती ने बताया कि भाई दिलीप की तीन साल पहले शादी हुई थी। उसकी दो साल की बेटी है। पिछले करीब डेढ़ साल से वह उसके पास रहता था और जेठ मोहन यादव के पास काम करता था। परिवार में आर्थिक तंगी होने से वह जेठ से वेतन के डेढ़ लाख रुपये मांगता था, लेकिन वह टालमटोल कर देता था। बार-बार रुपये मांगने पर चार जून को रात नौ बजे जेठ ने दिलीप को बुलाया था। भाई के साथ वह भी मौके पर गई थी।
जेठ मोहन संजय कॉलोनी स्थित सत्यनारायण के मकान में बैठा था। जेठ के साथ दूसरा जेठ मोतीचंद, जेठ का लड़का विनोद और एक अन्य युवक मौजूद थे। उन्होंने उसे कहा कि तुम जाओ हम शराब पीएंगे। वह उसे सुरक्षित घर तक पहुंचा देंगे। पूरी रात भाई घर नहीं पहुंचा तो वह सुबह वहां गई तो दिलीप जमीन पर मृत पड़ा था और आरोपी फरार थे।
पिता के बयान पर चार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है, मामले की गहनता से जांच की जा रही है, एफएसएल रिपोर्ट और मामले की गहनता से जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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- हेमराज राणा, आठ मरला चौकी प्रभारी
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