पानीपत। बरसत रोड से भावना चौक तक सीवरेज लाइन और नालों के निर्माण कार्य में बरती जा रही ढिलाई पर नगर निगम सख्त हो गया है। हाल ही में इस मार्ग पर एक महिला के खुले नाले में गिरने की घटना का संज्ञान लेते हुए मेयर कोमल सैनी और नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने रविवार को निर्माणाधीन स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार को तीन दिन में नाले को पक्का कर कवर करने और 15 दिनों के भीतर पूरे प्रोजेक्ट को खत्म करने की अंतिम समयसीमा तय की है।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम की इंजीनियरिंग विंग से एक्सईएन सुमित नांदल, एसडीओ योगेश, जेई समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। महापौर व आयुक्त ने पैदल चलकर करीब 1300 मीटर लंबे इस पैच की भौतिक प्रगति का जायजा लिया।
निगम प्रशासन ने आश्वस्त किया कि सीवरेज, नाले और पेयजल लाइन का कार्य पूरा होते ही इस 1300 मीटर लंबे मार्ग को व्यवस्थित व पक्की सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मेयर ने स्थानीय निवासियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और काम पूरा होने तक इस मार्ग पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की। स्थानीय निवासी रमेश, दीपक और हरदीप ने बताया कि अधिकारी व ठेकेदार सड़क निर्माण में लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। इसी के नतीजे हर रोज हादसे हो रहे हैं। दुकानदारों का व्यापार भी ठप हो गया है। उनको अपने घर से किराया देना पड़ता है।
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1100 मीटर सीवरेज लाइन तैयार, 200 मीटर का काम बारिश से अटका
इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों ने प्रशासनिक टीम को बताया कि भावना चौक से बरसत रोड तक लगभग 1300 मीटर लंबे क्षेत्र में सीवरेज लाइन डालने और दोनों ओर के नालों को पक्का कर ढकने की योजना है। इसमें से 1100 मीटर सीवरेज पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, जबकि शेष 200 मीटर का कार्य हाल ही में हुई बारिश के कारण बाधित हुआ था।
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सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं, लगेंगी बैरिकेडिंग
हाल ही में नाले में महिला के गिरने के हादसे को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई। महापौर और आयुक्त ने साफ किया कि जनसुरक्षा से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। निर्माणाधीन क्षेत्र में हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल बैरिकेडिंग करने, सांकेतिक बोर्ड लगाने और पर्याप्त चेतावनी लाइटें लगाने के सख्त निर्देश दिए गए।
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लापरवाही पर ईएमडी जब्त करने और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने कहा कि तय समय सीमा (3 दिन में नाला कवर और 15 दिन में संपूर्ण कार्य) में कोताही मिलने पर ठेकेदार या एजेंसी की ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) तुरंत जब्त की जाएगी। साथ ही नियमित निगरानी में लापरवाही बरतने वाले एक्सईएन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।