चित्रकूट जेल में हुई फायरिंग में मारे गए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी मुकीम काला को आखिरी वक्त में अपने पैतृक गांव की मिट्टी भी नसीब नहीं हुई। काला कैराना स्थित गांव जहानपुरा का रहने वाला था। परिजन मुकीम के शव को उसके ननिहाल हरियाणा के पानीपत में उसके मामा के गांव अधमी लेकर आए।
रविवार सुबह पांच बजे कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। दो दिन पहले चित्रकूट की जेल में पश्चिमी यूपी के अपराधी मुकीम काला निवासी गांव जहानपुरा, कैराना की हत्या कर दी गई थी। शनिवार को उसका शव मां मीना और परिवार के अन्य सदस्यों के सुपुर्द किया गया था।
मुकीम की मां ने लगाए गंभीर आरोप
इस दौरान मुकीम काला की मां मीना ने सवाल उठाते हुए कहा कि जेल के अंदर सुई तक नहीं जा सकती तो पिस्तौल कैसे पहुंच गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे की हत्या में सहारनपुर, शामली और चित्रकूट पुलिस का हाथ है। मीना ने कहा कि उसके बेटे मुकीम को सात-आठ दिन पहले ही चित्रकूट जेल ले जाया गया था। इससे पहले वह सहारनपुर की जेल में बंद था। गांव में आकर पूछिए, मेरे बेटे की कोई गलती नहीं है। कभी स्कूल से तो कभी खेत से उठाकर उस पर केस लगा दिए गए।
चिनाई मजदूरी करने वाला मुकीम बना अपराधी
कैराना थाना के गांव जहानपुरा में रहने वाला मुकीम काला मजदूरी का काम करता था, लेकिन वह अपराधी बन गया। पश्चिम उत्तर प्रदेश में आतंक बरपाने वाले कंगा गिरोह में रहते हुए मुकीम ने कई अपराध किए। कंगा के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद मुकीम ने खुद का गिरोह बना लिया और हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली व उत्तराखंड में अपराधों को अंजाम दिया। 20 अक्तूबर 2015 को मेरठ एवं नोएडा की स्पेशल टास्क फोर्स ने मुकीम को गिरफ्तार किया था। उस पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा में दो लाख रुपये का इनाम था।