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Panipat News: डाहर गांव के 70 से अधिक युवाओं की नशे से हो चुकी मौत

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पानीपत। टेक्सटाइल नगरी के युवा नशे की दलदल में फंसे है। पानीपत में सैंकड़ों युवाओं की नशे की ओवर डोज व नशे से होने वाली विभिन्न बीमारियों से मौत हो चुकी है।
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सैकड़ों परिवार उजड़ चुके हैं। पानीपत में राणा माजरा, धर्मगढ़, बोहली व डाहर समेत कई गांव नशे की गिरफ्त में माने जाते हैं। राणा माजरा व डाहर में तो नशे के कारण 70 से अधिक युवाओं की मौत हो चुकी है।
नशा तस्करी में यमुना से सटे राणा माजरा गांव के युवा मादक पदार्थ तस्करी के रास्ते पर जाकर शार्टकट तरीके से अमीर बनने का रास्ता अपना रहे हैं। अकेले राणा माजरा गांव के लगभग 50 युवा मादक पदार्थ तस्करी के आरोपों में जेल काट रहे हैं। पांच साल में करीब 50 युवा नशे के दलदल में फंसकर अपनी जान भी गंवा चुके हैं। घरों के इकलौते चिराग बुझ रहे हैं।
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ऐसे होती उत्तरप्रदेश से हरियाणा में नशे की तस्करी ःराणा माजरा गांव से करनाल, जींद, अंबाला और दिल्ली तक के लिए नशा तस्करी होती है। इस गांव के युवाओं को स्मैक की ऐसी लत है कि पूरे दिन यमुना नदी के किनारे जमा रहते हैं।
यमुना नदी के पार उत्तरप्रदेश की सीमा शुरू होती है और वहीं से नशा तस्करी होती है। यमुना पार से नशा तस्कर ट्यूब या नाव के सहारे इस गांव में आते हैं और मादक पदार्थ बेचकर वापस चले जाते हैं।
पुलिस ने राणा माजरा गांव की सुरक्षा भी बढ़ाई ः पुलिस ने यमुना तट पर स्थित राणा माजरा गांव की सुरक्षा बढ़ा दी है। गांव के चारों और सादे कपड़ों में पुलिस है ताकि यहां आने वाले नशा तस्करों को पकड़ा जा सके।
गांव के युवाओं की भी इसमें मदद ली जा रही है। काफी युवा अब नशा छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ रहे हैं। बापौली क्षेत्र के युवक एचआईवी व काला पीलिया के हो रहे शिकार ः जिला नागरिक अस्पताल में पिछले पांच साल में काला पीलिया के लगभग चार हजार लोगों का इलाज हुआ है।
जिला नागरिक अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में सबसे अधिक काला पीलिया के रोगी बापौली, सनौली व यमुना के सटे गांवों में है। यहां युवा नशे की चपेट में है।
पार्क व यमुना के किनारे जंगलों में युवा ग्रुप में बैठकर नशे के इंजेक्शन लगाते हैं। ग्रुप में एक ही सीरिंज के प्रयोग से युवा काला पीलिया की चपेट में आ रहे हैं। जिले में 100 से अधिक युवा संक्रमित सुई के इस्तेमाल से एचआईवी संक्रमित भी हो चुके हैं।
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