संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। करीब दो साल पहले 2023 में ही धर्मनगरी बाढ़ का दंश झेल चुकी है। इसके बावजूद उम्मीद अनुसार बारिश के सीजन से निपटने के प्रबंध नहीं हो पाते। इस बार भी लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ सकता है, जिसके पीछे प्रशासनिक तौर पर की जा रही लेटलतीफी ही मानी जा रही है।
हालांकि मंगलवार को कुछ जगहों पर सफाई कार्य किए जाते रहे लेकिन प्रमुख नालों से लेकर सरस्वती तक घास फूस से लेकर कचरे से भी अटी हुई है। भले ही जिम्मेदार पिछले करीब एक माह से समय रहते छोटे नालों लेकर ड्रेनेज व नहरों तक की सफाई का दावा कर रहे हैं लेकिन वर्तमान में भी हालात देख ये दावे हवाई ही दिखाई पड़ते हैं।
इस बार शहर को बाढ़ से बचाने में सरस्वती नदी का अहम योगदान रहने व भूमिगत जल स्तर में सुधार होने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन जगह-जगह यह नहीं अटी हुई है। यहां तक कि खेड़ी मारकंडा, डीडी कॉलोनी, झांसा रोड सहित अनेक जगह इसके जाम होने जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं शहर का सबसे प्रमुख माना जाने वाला चौतंग नाला भी अनेक जगह कचरे से लबालब है, जिसके चलते समय रहते सफाई न हो पाई तो बारिश के सीजन में ये ओवरफ्लो होने तय है।
यही नहीं शहर के झांसा रोड सहित अनेक जगहों पर छोटे नालों में भी कचरा पूरी तरह से जाम है।
डीसी बोलीं, युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया नालों की सफाई का कार्य : उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बरसाती पानी की निकासी के लिए नगर परिषद व नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा नाले, नालियों की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस जिले के सभी शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता पर निगरानी रखने के लिए 12 सदस्यीय टीम का गठन भी किया गया है। यह टीम अपने-अपने क्षेत्र में रोजाना होने वाले स्वच्छता अभियान की रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। उन्होंने मंगलवार को भी बारिशों से पहले कुरुक्षेत्र जिले के सभी शहरी क्षेत्रों के नाले व नालियों की सफाई का कार्य पूरा किए जाने के निर्देश दिए।