पानीपत। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को प्राइवेट अस्पताल में बिना देरी के इलाज देना होगा। अस्पताल संचालक को परिवार का कोई सदस्य नहीं है तो फिर भी इलाज देना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने हिट एंड रन मोटर दुर्घटना योजना 2022 को लागू कर दिया है। प्राइवेट अस्पताल संचालकों को आपसी सहमति से एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा।
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने इसको लेकर वीरवार को जिला सचिवालय के सभागार में प्राइवेट स्कूल संचालकों के साथ बैठक की। इसमें सड़क पर होने वाले दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत उपचार देने के बारे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति उपचार के लिए अस्पताल में आता है और उसके परिवार का कोई भी सदस्य उसके साथ नहीं होता है तो प्राइवेट अस्पताल संचालक को बिना किसी देरी के उपचार देना होगा। यदि पुलिस दुर्घटना करने वाले वाहन की पहचान कर लेती है तो सारा खर्च वाहन मालिक को देना होगा। यदि किसी कारण वाहन कि पहचान नहीं है तो योजना के तहत उस व्यक्ति के उपचार का करीब 1.50 लाख रुपये अस्पताल को दिए जाएंगे। अस्पताल द्वारा उस व्यक्ति का सात दिन उपचार करना होगा। अज्ञात वाहन द्वारा दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो जाती है तो योजना के तहत परिवार को दो लाख रुपये का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सभी अपनी सहमति से एक नोडल अधिकारी बनाएं। जिससे सरकार को इस योजना की सभी गतिविधियों के बारे समय-समय पर जानकारी दी जा सके।