मुनिश्री तरुण सागर के कड़वे प्रवचन सत्संग में शहरी स्थानीय निकाय व महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन को देरी से पहुंचने पर नाराजगी का सामना करना पड़ा। जैन मुनि बोले के ये तो मंत्री हैं। इनका देर से आना चल जाता है। इस बार मंत्री कविता जैन ने क्षमा मांगने का प्रयास किया, मुनि श्री ने उनकी बातों को समझते हुए कहा कि बैठ जाओ, सब चलता है। वहीं मुनिश्री ने सुनने के साथ में मन में विचार करने का भी संदेश दिया।
शिवाजी स्टेडियम में कड़वे प्रवचन सत्संग में शनिवार को चौथा दिन रहा। मुनिश्री तरुण सागर महाराज ने कहा कि महापुरूषों के विचारों को श्रवण करने के बाद मनन करने तक सीमित रहना ही समाज के विकास में बड़ा अवरोधक है। अगर हम सदाचार भरें विचारों को मनन करने के बाद अपने जीवन में उतारें तो न केवल स्वयं का, अपितू पूरे समाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वह जीवन में आपसी भाईचारे को बढ़ाते हुए अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि समय बदलता रहता है, लेकिन आपसी व्यवहार को बनाने तथा संबंधों को प्रगाढ करने के लिए धैर्य रखने की आवश्यक्ता होती है। उन्होंने कहा कि वह युवा पीढ़ी को आगे बढने के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने से माता-पिता की जिम्मेदारी पूरी नहीं होती।
माता-पिता को चाहिए कि वह युवा पीढ़ी से अपने अनुभव बांटते हुए उन्हें सदाचार सिखाए और संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित करें। कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने कहा कि महापुरुषों द्वारा आमजन में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने तथा एक-दूसरे के प्रति भेदभाव की भावना को खत्म करने के लिए आह्वान किया जाता है। लेकिन अधिकांश लोग श्रवण करने तथा मनन करने तक ही सीमित होकर रह जाते हैं।
उन्होंने तरुण सागर महाराज के कड़वे वचनों में छिपे हुए संदर्भों और उनकी दूरदर्शिता को स्वविवेक से अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कविता जैन को राष्ट्रसंत तरुण सागर महाराज ने पटका देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री ओमप्रकाश जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज, कड़वा वचन सत्संग के आयोजक श्री दिंगबर जैन पंचायत पानीपत के प्रधान राजेश जैन, उप-प्रधान टोनी जैन, सचिव वीरज जैन, प्रबंधक दीपक जैन, सुरेंद्र जैन, मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र तनेजा, अमरजीत सिंह, विपिन चुघ मौजूद रहे।