पानीपत। पानीपत रिफाइनरी में श्रमिकों और पुलिस का टकराव वीरवार को चौथे दिन भी जारी रहा। श्रमिक सुबह आठ बजे काम पर लौट आए थे। वे करीब दो घंटे बाद काम बंद कर गेट-3 के सामने धरने पर बैठ गए। पुलिस ने श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर श्रमिकों को गेट से हटा दिया।
श्रमिकों ने अब नए ग्रेड पर वेतन देने की मांग उठाई। श्रमिकों ने बताया कि पुराने रेट में 14 हजार और नए में 20 हजार रुपये वेतन तय है। श्रमिकों ने दो बजे हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। फिलहाल श्रमिकों ने एक बार फिर हड़ताल खोलने पर अपनी सहमति दे दी है और शुक्रवार से काम पर लौटने को कहा है। प्रशासन और पुलिस ने श्रमिकों के प्रदर्शन से बनी तनाव की स्थिति को देखते हुए रिफाइनरी के तीन प्रमुख गेट पर एचसीएस अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया है। इनके साथ एक-एक डीएसपी कानून एवं व्यवस्था के लिए लगाया है। नगर निगम के सहायक आयुक्त डॉ. पंकज को मुख्य पर्यवेक्षक लगाया है। इन सबके बीच पानीपत के साथ करनाल, कैथल और मधुबन से पुलिस बुलाई है।
पानीपत रिफाइनरी पी-25 प्रोजेक्ट के श्रमिक आठ घंटे की ड्यूटी, समय से भुगतान और मूलभूत सुविधाओं की मांग के लिए सोमवार से आंदोलन कर रहे हैं। बुधवार को लिखित समझौता होने के बाद वीरवार सुबह आठ बजे करीब 10 से 12 हजार श्रमिक पी-25 प्रोजेक्ट में काम पर लौट आए। इसके बाद 10 बजे के आसपास कुछ श्रमिक संगठनों और श्रमिकों ने गेट-3 पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्लांट में श्रमिकों के साथ मारपीट करने की बात कह दी। आंदोलनकरी श्रमिकों ने दूसरे श्रमिकों का काम जबरन बंद करा दिया। श्रमिकों ने गेट-3 और 4 पर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर वहां से हटा दिया। श्रमिक इसके बाद ग्रुप बंटकर सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। रिफाइनरी अधिकारियों, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों और श्रमिकों के बीच दो घंटे तक वार्ता चली। दो बजे हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। हड़ताल खोलने पर सहमति दे दी है और शुक्रवार से काम पर लौटने को कहा है।
पुलिस की स्वाट टीम रिफाइनरी पर लगाई : रिफाइनरी पर पुलिस की स्वाट टीम को मुस्तैद किया गया है। पानीपत के अलावा मधुबन पुलिस लाइन, करनाल और कैथल जिले से भी फोर्स तैनात है। सभी गेट पर एक-एक डीएसपी तैनात किए गए हैं।