संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जैन स्थानक अग्रवाल मंडी में अरुण मुनि महाराज ने चातुर्मास में शुक्रवार को मंगल प्रवचन दिए। उनके साथ उनके शिष्य अभिषेक मुनि व अभिनंदन मुनि पट पर विराजमान रहे।
अरुण मुनि ने बताया कि क्रोध मनुष्य का दुश्मन होता है। क्रोध में लिया गया फैसला हमेशा गलत साबित होता है। इसलिए जीवन में क्रोध को त्याग संयम का अपनाना चाहिए। संयम रख जीवन के फैसले लेने चाहिए। जब व्यक्ति क्रोध में होता है तो उसे बोलने से पहले सोचना चाहिए। जहां तक संभव को व्यक्ति को क्रोध में कम बात करनी चाहिए। क्रोध व्यक्ति के सोचने-समझने की क्षमता को समाप्त कर देता है। व्यक्ति को संयम को जीवन में धारण करना चाहिए। प्रवचन सुनने के लिए आस-पास के क्षेत्रों से श्रावक-श्राविकाएं पहुंची।