पानीपत। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन मजदूर संगठन सीटू की जिला कमेटी ने सहायक श्रम आयुक्त परमजीत सिंह भूल को स्काईलार्क में न्यूनतम वेतन बढ़वाने की मांग के लिए ज्ञापन सौंपा। वे न्यूनतम वेतन संबंधी फैक्टरी प्रबंधकों और मजदूरों की राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन के राज्य के नेतृत्व में कमेटी की बैठक लेने आए थे।
सीटू के राज्य सचिव सुनील दत्त ने कहा कि पिछले 10 वर्ष से प्रदेश में न्यूनतम वेतन दोहराया नहीं गया है। पिछला वेतन दोहराव 2015 में किया था। इन दस साल में महंगाई कई गुना बढ़ गई है। दिल्ली और पंजाब का न्यूनतम वेतन बढ़ाया गया है। श्रम कानून के तहत पांच वर्षों के अंदर न्यूनतम वेतन का दोहराव होना चाहिए। सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। मजदूर के न्यूनतम वेतन में बड़ी चोरी की गई हैं जबकि मजदूर बड़ी आर्थिक संकट की मार झेल रहा है। परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो चुका है।
इंडियन लेबर ऑर्गेनाइजेशन की डिक्लेरेशन के अनुसार अगर न्यूनतम वेतन बढ़ाया जाता है तो कम से कम 30 हजार बनता है। पिछले लगभग आठ वर्ष से राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन सरकार से इसकी मांग कर रही है। वे न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं। संबोधित करने वालों में उप प्रधान कामरेड सतबीर सिंह, विनोद कुमार, इंडस्ट्रियल वर्कर यूनियन पानीपत जिला प्रधान जयभगवान, जिला सचिव रामकुमार यादव प कोषाध्यक्ष नवीन सपड़ा आदि माैजूद रहे। संवाद