पानीपत। पानीपत के बढ़ते प्रदूषण स्तर को लेकर एनजीटी, सीपीसीबी व एचएसपीसीबी चिंतित है। उद्यमी भी पुरानी तकनीक से प्रदूषण को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं। तकनीकी ज्ञान न होने से उद्यमियों को उत्पादों के उत्पादन पर भारी खर्च करना पड़ रहा है। शहर के प्रदूषण स्तर को कंट्रोल के करने के लिए नीदरलैंड का सॉलिडारीदाद एशिया एनजीओ आगे आया है।
उसने उद्यमियों के सामने प्रपोजल रखा है। इसके अनुसार, सेक्टर 29 पार्ट टू में 15 करोड़ की लागत से एक लैब का वह निर्माण करेगा। लैब में उन केमिकल की जांच होगी, जो प्रदूषण के कारक है। किन केमिकल के प्रयोग के बिना रंगाई व डाइंग हो सकती है। प्रदूषण को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है, ये लैब में जांचा जाएगा। इस लैब के प्रोजेक्ट के लिए एनजीओ के अधिकारियों की तीन बार उद्यमियों से मीटिंग हो चुकी है। अब सोमवार को एनजीओ के मैनेजर पानीपत आएंगे। उनकी डायर्स एसोसिएशन के साथ मीटिंग होगी। बैठक में इस प्रपोजल पर अंतिम मुहर लग सकती है।
उद्यमी मुकेश रेवड़ी, संजय कुमार, भीम राणा, श्री भगवान का कहना है कि अगर एनजीओ के साथ डील फाइनल होती है तो उन्हें काफी लाभ की उम्मीद है। इससे प्रदूषण पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। एनजीओ के एडवाइजर संजय हरारे व मैनेजर मोहम्मद इरशाद सोमवार को पानीपत पहुंच रहे हैं। दरअसल, पानीपत के लिए चीन बड़ी चुनौती है। वह कम लागत में बेहतरीन प्रोडक्ट प्रस्तुत कर रहा है। उद्यमियों का कहना है कि हमारे पास तकनीक की कमी है। हमें उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने की जरूरत है। उद्योग हर रोज अरबों लीटर पानी का दोहन कर रहे हैं, क्योंकि हमें पानी के सही इस्तेमाल का उचित ज्ञान नहीं है।
हमें केमिकल मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार की जरूरत है। अगर हमारी एनजीओ के साथ डील फाइनल होती है कि संस्था हर उद्योग में इन्वायरमेंटल सेल की स्थापना करेगी, जो पर्यावरण की स्वच्छता पर नजर रखेगी। हम उद्यमियों को उच्च तकनीक की जानकारी देंगे साथ ही उद्योगों में पानी का इस्तेमाल कैसे व कितना करें, आदि जानकारी उपलब्ध कराएंगे। प्रदूषण को कैसे कंट्रोल करें ये तकनीक सॉलिडारीदाद एशिया एनजीओ देगा।
अगर एनजीओ से डील होती है तो फायदा होगा
प्रदूषण को कंट्रोल करने की बड़ी चुनौती है, लेकिन प्रदूषण के लिए अकेले उद्योगों को जिम्मेदार ठहराना गलत होगा। अगर हमारी संस्था के साथ डील होती है तो बेहतर होगा। हमें नई तकनीक व मशीनें मिलेगी। -भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन