सीआईए-1 ने हैदराबादी अस्पताल के एपी मेडिकल स्टोर के संचालक को 800 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले सप्लायर को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया है। उसने 12 हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से 96 लाख रुपये में एपी मेडिकल स्टोर संचालक को इंजेक्शन बेचे थे, वो भी नकली। उससे यह भी खुलासा हुआ है कि उसने अपने भांजे के साथ मिलकर इंजेक्शन एपी मेडिकल स्टोर संचालक को दिए है। बुधवार को उसे न्यायालय में पेशकर सीआईए-1 ने सात दिन की रिमांड पर लिया है।
सीआईए-1 प्रभारी राजपाल अहलावत ने बताया कि हैदराबादी अस्पताल स्थित एपी मेडिकल स्टोर संचालक सेक्टर 13-17 निवासी प्रदीप चार दिन के रिमांड पर चल रहा है। जिससे पूछताछ में खुलासा हुआ था कि उसने 750 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन 12 हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से उत्तराखंड निवासी खुशनसीब से खरीदे थे और 20 से 30 हजार रुपये के हिसाब से इंजेक्शन बेच दिए थे।
आरोपी खुशनसीब की धरपकड़ के लिए उनकी टीम लगातार संबंधित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। मंगलवार देर शाम गुप्त सूचना पर आरोपी खुशनसीब को पंचकूला से गिरफ्तार किया। सीआईए के अनुसार आरोपी खुशनसीब ने प्राथमिक पूछताछ में खुलासा किया कि उसका भांजे की चंडीगढ़ में दवाओं की फर्म है। जिसके साथ वह दवाओं की सप्लाई करने का काम करता है। दवा की सप्लाई के दौरान उनकी मुलाकात एपी मेडिकल स्टोर के संचालक प्रदीप से हुई थी। उसने भांजे के साथ मिलकर योजना बनाई और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करनी शुरू कर दी थी। वह अब तक प्रदीप को 12 हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से 800 रेमडेसिविर इंजेक्शन बेच चुका है।
अभी तक 12 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
अभी तक नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के मामले में 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। जिनमें सेक्टर 13-17 निवासी प्रदीप, उसका भांजा गुरुनानकपुरा निवासी सुमित, कलंदर चौक निवासी केशव, ताजपुर निवासी सुनील, मॉडल टाउन निवासी मनोज, लाल पैथ लैब का एरिया मैनेजर इमरान, शिव नगर निवासी हिमांशु, उसका जीजा सेक्टर 13-17 निवासी आशीष, सेक्टर 13-17 निवासी गौरव जैन, डॉ. योगेश और सेक्टर-6 निवासी दिलबाग शामिल है। प्रदीप ने इन सभी को इंजेक्शन बेचने के लिए दिय और अब प्रदीप को इंजेक्शन सप्लाई करने वाले 12वें आरोपी खुशनसीब को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं उसके भांजे की तलाश जारी है।
इस प्रकार जुड़ती गई कड़ियां
सीआईए-1 प्रभारी राजपाल ने बताया कि 27 अप्रैल को गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर 18 स्थित गर्वनमेंट कॉलेज के पास से कार में तीन युवकों को 19 नकली रेमडेसिविर के साथ काबू किया। तीन युवकों में एक जेएमडी मेडिकल स्टोर संचालक केशव और दो उसके दोस्त सुमित और सुनील थे। आरोपियों को चार दिन की रिमांड पर लिया तो खुलासा हुआ कि वह इंजेक्शन हैदराबादी अस्पताल स्थित एपी मेडिकल स्टोर संचालक प्रदीप से खरीदकर लाए थे। जिसके बाद पुलिस ने प्रदीप को काबू किया।
वर्जन
प्रारंभिक अनुसंधान में इंजेक्शन की पैकिंग को गहनता से देखने पर कंपनी के इंजेक्शन और बरामद इंजेक्शन में असमानता मिलीं। पता चला कि इंजेक्शन पूरी तरह से नकली है, यह रेमडेसिविर की दवा है ही नहीं। आमजन से अनुरोध है कि इस प्रकार के गिरोह से सावधान रहें और जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित करें।
- राजपाल अहलावत, सीआईए-1 प्रभारी