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यमुना भूमि सीमा विवाद में हरियाणा-यूपी के किसानों में खूनी संघर्ष

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यमुना भूमि सीमा विवाद में हरियाणा और यूपी दोनों राज्यों के किसानों का भूमि को लेकर एक बार फिर खूनी संघर्ष हुआ। यूपी के किसानों ने हरियाणा के गांव खोजकीपुर के चार किसानों को पीटा और हथियारों के बल पर बंधक बना यूपी ले गए। एसडीएम समालखा वीरेंद्र हुडा ने यूपी के अधिकारियों से संपर्क कर विवादित भूमि को लेकर बैठक करने की बात कही है।
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गांव खोजकीपुर के किसानों की यमुना तटबंध के अंदर जमीन पर यूपी के गांव टांडा के किसानों की नजर रही है। बुधवार को भारी संख्या में पहुंचे यूपी के किसानों ने ट्रैक्टर चलाकर यहां कब्जा करना चाहा, लेकिन उस वक्त मौके पर मौजूद खोजकीपुर के किसानों ने विरोध किया तो यूपी के किसानों ने खोजकीपुर के चार किसानों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया, उन्हें बुरी तरह पीटा और अपने साथ ले गए।
वहीं, गांव खोजकीपुर की तीन महिलाओं सहित 6 किसानों को लाठी से पीटकर घायल कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही गांव खोजकीपुर के सैकड़ों किसान और महिलाएं भी मौके पर पहुंच गए। जब हरियाणा के किसान और महिलाएं भी गांव से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर लाठी लेकर पहुंचे तो यूपी छापरौली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। यूपी पुलिस दोनों ओर के किसानों का बीचबचाव कराने लगी। इस दौरान भी कई किसानों के बीच लाठी चली और मारपीट हो गई।
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हरियाणा पुलिस को देख भागे यूपी के किसान
मामले की सूचना मिलते ही बापौली थाना प्रभारी हरनारायण पुलिस बल के साथ गांव के पास यमुना किनारे पहुंचे, लेकिन पानीपत पुलिस के खेतों में पहुंचने पर यूपी के किसान यूपी की तरफ भाग गए। जाते-जाते अपने साथ हरियाणा के गांव खोजकीपुर के चार किसानों सुखबीर, कर्ण सिंह, दीपक और बलिंद्र को बंधक बनाकर जबरन अपने साथ ले गए। यूपी के किसानों ने पानीपत के चारों किसानों को यूपी की पुलिस के हवाले कर दिया। खोजकीपुर के घायल होने वाले किसान महिलाओं में बाला, सीमला एवं रीना के साथ आशीष, दीपांशु और सुभाष शामिल हैं।
किसानों को छुड़वाने की मांग लेकर खेत में डटे रहे किसान
किसानों ने पुलिस को बताया कि यूपी के टांडा के किसानों ने बुधवार को खोजकीपुर के किसान सुभाष की ईख की फसल पर ट्रैक्टर चलाना शुरू कर दिया। उन्होंने मांग की कि बंधक बनाए गए किसानों को छुड़ाया जाए। इस मांग को लेकर किसान खेतों में ही डटकर बैठ गए। समालखा डीएसपी प्रदीप कुमार ने पानीपत एसपी शशांक कुमार को घटना से अवगत करवाया और डीएसपी ने कॉल पर किसानों को आश्वासन दिया कि बागपत के एसपी से हो चुकी है और शाम तक चारों किसानों को छोड़ दिया जाएगा। उसके उपरांत खोजकीपुर के किसान खेतों से वापस गए।
वर्जन
एसडीएम समालखा वीरेंद्र हुड्डा ने बताया कि यमुना भूमि विवाद में दोनों ओर के अधिकारी एक-दो दिन के अंदर बैठक कर हल निकालेंगे। जो हरियाणा के किसानों को पकड़कर यूपी में ले गए हैं, इसमें यूपी के अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा। अगर कोई अपराध बनता है तो वे ही सही जानकारी देंगे। जांच की जा रही हैं। उधर, एसएचओ हरनारायण ने बताया कि दोनों ओर के उच्चाधिकारियों की बात चल रही है। इसमें यमुना भूमि विवाद को लेकर बैठक होने की बात हुई हैं। मामले में जांच की जा रही हैं। यमुना के अंदर भूमि पर विवाद होने से पकड़कर ले गए हरियाणा के खोजकीपुर के चार किसानों को छुड़वाने का मामला उनके संपर्क में अभी कुछ नहीं है।
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