पानीपत। पानीपत ग्रामीण विकास मोर्चा के अध्यक्ष सतपाल राणा पर जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट के आदेशों के बाद आरोपी मेयर सुरेश वर्मा शनिवार को सीआइए-टू में पहुंचे। सीआईए-टू ने मेयर सुरेश वर्मा से बंद कमरे में दो चरणों में साढ़े छह घंटे तक 152 सवाल पूछे। मेयर सवालों के जवाबों में खुद को बेकसूर होने का दावा किया। पूछताछ के बाद सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा ने कहा कि मेयर जांच में पूरी तरह से सहयोग नहीं कर रहे। वे कुछ छिपा रहे हैं। सीआईए-टू ने मेयर को दोबारा पूछताछ के लिए रविवार को फिर बुलाया है।
मेयर सुरेश वर्मा अपने वकील सुभाष सैनी और वार्ड-छह के पार्षद पति संजीव, वार्ड-14 के पार्षद पति रामचंद्र कादियान और वार्ड-16 के पार्षद सुशील कुमार के साथ सीआईए-टू कार्यालय में बयान दर्ज कराने पहुंचे। उन पर पानीपत ग्रामीण विकास मोर्चा के अध्यक्ष सतपाल राणा पर हुए जानलेवा हमले का षड़यंत्र रचने का आरोप है। कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद वह पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए लगातार दूसरे दिन सीआईए-टू कार्यालय पहुंचे। पूछताछ के दौरान सीआईए-टू ने उनके वकील सुभाष सैनी और तीनों पार्षदों को कमरे से बाहर कर दिया।
सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा और अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी ने दो चरणों में छह घंटे तक मेयर वर्मा से बंद कमरे में पूछताछ की। पुलिस ने उनसे 152 सवालों के जवाब मांगे। इस दौरान मेयर ने खुद को बेकसूर और खुद को राजनैतिक षड़यंत्र का शिकार बताया। दावा किया कि उन्हें सतपाल राणा पर हुए हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 16 अक्तूबर को वारदात के समय वे पार्षदों के साथ शादी समारोह में थे। उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। पूछताछ के बाद सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा और अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी ने मेयर सुरेश वर्मा के जवाबों पर अंसतोष जताया। कहा कि मेयर जांच में सहयोग नहीं कर रहे। अधिकारियों ने मेयर सुरेश वर्मा को रविवार सुबह दस बजे पूछताछ के लिए दोबारा कार्यालय में बुलाया है। इसके बाद सोमवार को सीआईए-टू अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी।
सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक हुई पूछताछ
मेयर सुरेश वर्मा सुबह साढ़े दस बजे सीआईए-टू कार्यालय में पहुंचे। सीआईए-टू के अधिकारियों ने पहले चरण में सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर दो बजे तक पूछताछ की। इस दौरान मेयर से 100 प्रश्न पूछे गए। दो बजे से तीन बजे तक मेयर को रेस्ट दिया गया। दूसरे चरण में तीन बजे से शाम पांच बजे तक मेयर सुरेश वर्मा से 52 प्रश्नों के जवाब मांगे गए।
16 अक्तूबर के हर घंटे का मांगा गया हिसाब
सीआईए-टू अधिकारियों ने मेयर सुरेश वर्मा से वारदात के दिन यानी 16 अक्तूबर का पूरा हिसाब मांगा। मेयर सुरेश ने भी हर घंटे का हिसाब दिया। मेयर ने बताया कि पुलिस ने उनसे पूछा कि वह 16 अक्तूबर को शाम सात बजे कहां थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह सात बजे किले पर एक कार्यक्रम में थे। आठ बजे बजे वह पार्षद पति संजीव के घर पर थे। रात नौ बजे वह राज गार्डन में एक रिश्तेदार की शादी में थे। रात दस बजे से 12 बजे तक वह डिप्टी मेयर सीमा पाहवा के भतीजे की शादी में थे। इस दौरान उनके साथ दो विधायक और पार्षद भी थे।
मेयर बोले: एक भाजपा नेता कर रहा ओछी राजनीति
मेयर सुरेश वर्मा ने खुद को फंसाने का आरोप एक भाजपा नेता पर लगाया। उन्होंने नाम न लेते हुए कहा कि वह भाजपा नेता मेयर बनना चाहता है। इसलिए वह ओछी राजनीति कर रहा है। वह ऐसा कर भाजपा की भी इमेज गिरा रहा है।
पुलिस की भूमिका पर उठाया सवाल
मेयर सुरेश वर्मा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने मामले में निष्पक्ष जांच नहीं की। पुलिस ने वारदात के 36 घंटे के बाद मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जबकि, पूरी एफआईआर में उनका कहीं भी नाम नहीं है।
डॉक्टर की रिपोर्ट के बिना लगा दी 307
मेयर सुरेश वर्मा और उनके वकील सुभाष सैनी ने कहा कि पुलिस ने डॉक्टर से सतपाल राणा की मेडिकल रिपोर्ट लिए बिना ही एफआईआर में धारा 307 लगा दी। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते है। जानलेवा हमले की धारा लगाने के लिए पुलिस को डॉक्टर की रिपोर्ट का इंतजार करना होता है।
मेयर बोले : मैंने पुलिस को सबूत दे दिए
पुलिस बोली : कोई सबूत नहीं दिया
मेयर सुरेश वर्मा और पुलिस की बातों में विरोधाभास नजर आ रहा है। मेयर सुरेश वर्मा शुरू से ये ही कहते रहे हैं कि उन्होंने अपनी बेगुनाही के सबूत पुलिस को दे दिए है। मेयर वर्मा ने दावा किया कि पुलिस जिस वक्त उन पर कार्यालय में मीटिंग कर हमले की साजिश रचने का आरोप लगा रही है, वह उस दिन करनाल गए हुए थे। उन्होंने इसके सबूत भी पुलिस को दिए हैं। दूसरी तरफ सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा ने किसी प्रकार के सबूत नहीं देने की बात कही है।
मेयर ने रचा षड़यंत्र, पुलिस के पास पूरे सबूत
सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा ने कहा कि पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों के मामले में मेयर की भूमिका का दावा किया था। आरोपियों ने मेयर सुरेश वर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि मेयर सुरेश वर्मा ने अपने कार्यालय में मीटिंग कर सतपाल राणा पर जानलेवा हमला करने की साजिश रची थी। पुलिस के पास मेयर वर्मा के खिलाफ पुख्ता सबूत है।
यह है मामला
16 अक्तूबर की रात डाबर कॉलोनी में वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम से लौटते समय पानीपत ग्रामीण मोर्चा के प्रधान सतपाल राणा पर जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस में दी शिकायत में सतपाल राणा ने मेयर सुरेश वर्मा और उसके पांच भाइयों दलबीर वर्मा, संजय वर्मा, आजाद वर्मा धनपत वर्मा, विक्रम वर्मा समेत विक्की, सुखविंद्र उर्फ सूखा, पिंटू, सुभाष मलिक, गुल्लु और मुनीम कुंडू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही मेयर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल कर लिए थे। बाद में मेयर काके कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगी हुई है।
मेरा मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे मेयर पद के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। भाजपा का एक नेता पूरा षड़यंत्र रच रहा है। मुझे कानून पर पूरा विश्वास है। पुलिस का जांच में पूर्ण रूप से सहयोग कर रहा हूं। जब भी मुझे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, मैं पहुंच जाऊंगा।
सुरेश वर्मा, मेयर पानीपत
मेयर सुरेश वर्मा पुलिस जांच में पूर्ण रूप से सहयोग नहीं कर रहे। वह पुलिस कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे है। मेयर से दो चरणों में 152 प्रश्नों का जवाब मांगा गया था। अधिकतरों सवालों के जवाब हम संतुष्ट नहीं है। रविवार को मेयर वर्मा को दोबारा बुलाया गया है। सोमवार को पुलिस कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
मनोज वर्मा, प्रभारी सीआइए-टू पानीपत।