शहर सरकार यानी मेयर को ब्लैकमेल करने के मामले में राजनीतिक मोड़ आ गया है। पानीपत ग्रामीण विकास मोर्चा के अध्यक्ष ने मेयर पर बयान बदलने और समझौते के लिए दो पार्षदों को भेजने की बात कहते हुए किसी भी एजेंसी से जांच कराने को तैयार रहने की बात कही है।
वहीं मेयर अपने दो साथियों से साढ़े चार लाख रुपये लेने की बात कर रहे हैं। पानीपत ग्रामीण विकास मोर्च के अध्यक्ष सतपाल राणा रविवार को मेयर सुरेश वर्मा द्वारा पांच लाख की ब्लैकमेलिंग करने के आरोपों को निराधार बताते हुए खुलकर सामने आ गए। उन्होंने कहा कि मेयर या सरकार देश व प्रदेश की किसी भी एजेंसी से जांच करा सकती है। इससे इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी दिख जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेयर ऑडियो रिकार्डिंग में पांच लाख रुपये ले जाने की बात कह रहे हैं। उसने इसमें दो बार पांच
लाख रुपये ले जाने का जिक्र किया है। मेयर अब अपने दो नजदीकियों से साढ़े चार लाख रुपये ले जाने की बात कह रहा है। मेयर अपनी बातों से लगातार पलट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले में मेयर के दोनों नजदीकी उनके पीए बन गए हैं। मेयर ने उसके पास दो पार्षदों को समझौते के लिए भेजा है। उन्होंने उससे कहा कि मेयर आपसे समझौता करना चाहते हैं। वे मेयर उनके घर पर बैठकर समझौता कर लें। उसने कहा कि अभी तो मेयर फरीदाबाद में अपना चेकअप कराने गए हैं और रात को आठ बजे तक पहुंच जाएंगे और समझौता हो जाएगा। उन्होंने पार्षदों को समझौता न करने की बात कहकर वापस भेज दिया। उन्होंने पार्षदों को भेजने के प्रकरण की भी जांच करने की मांग की।
15 को मीडिया के सामने रखेंगे सच्चाई
सतपाल राणा ने दावा किया उसके एक साथी के पास नगर निगम को लेकर 10 लाख की सीडी रखी है। वह शिमला गया हुआ है। वह इस मामले को सोमवार को सबके सामने लाना चाहता था, लेकिन उसका दोस्त बाहर गया हुआ है। वह 15 जुलाई को 10 लाख के मामले को सबके सामने लाएगा। वह पार्षदों की भी पोल खोलने को तैयार है। उसको पता है कि किस पार्षद ने अपने वार्ड के लोगों का विश्वास बेचा है।