पानीपत। जिला परिषद अध्यक्ष के लिए जोड़-तोड़ तेज हो गया है। भाजपा में ही पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति शर्मा समेत तीन प्रबल दावेदार हैं। वहीं वार्ड-3 से निर्दय अनु दहिया मलिक भी इस रेस में उतर आई हैं। उन्होंने दस पार्षदों के साथ होने का दावा किया। वहीं भाजपा इस बार बेदाग और सभी नेताओं की सहमति का अध्यक्ष बनाना चाहती है। पार्टी में भी जिले से लेकर प्रदेश व केंद्र तक के नेताओं तक संपर्क साध लिए हैं। पार्टी भी गुप्त बैठक में नामों पर चर्चा कर रहे हैं। अगले दो दिन में नाम तय किया जा सकता है।
राज्य चुनाव आयोग ने जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव 28 जनवरी को कराने के आदेश दिए हैं। पंचायत विभाग ने इसके लिए शेड्यूल जारी करने के साथ तैयारी पूरी कर ली हैं। इसके साथ वार्ड-13 के पार्षद का चुनाव भी 30 अप्रैल से पहले कराना है। भाजपा में ही पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा दावेदार हैं। वहीं दो अन्य महिला पार्षद इसके लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। वार्ड-तीन की पार्षद अनु दहिया मलिक ने बताया कि वे सभी पार्षदों को साथ लेकर विकास कराना चाहती हैं। वार्ड-13 की पार्षद काजल देशवाल भाजपा की ज्योति शर्मा के खिलाफ 14 जून 2024 अविश्वास लाकर अध्यक्ष बनी थीं। पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पति भाजपा नेता प्रदीप शर्मा ने मार्च 2024 में मुख्यमंत्री नायब सैनी को शिकायत दी थी। उन्होंने काजल देशवाल पर (बीसी-ए) के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप लगाए थे। इस जांच में जाति प्रमाणपत्र फर्जी मिला। पंचायत विभाग के निदेशक ने 27 जून 2025 को काजल देशवाल को जिला परिषद के अध्यक्ष पद से हटा दिया था। ब्यूरो