संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। मांडी गांव के अरिहंत कराटे के क्षेत्र में तेजी से उभरते खिलाड़ी के रूप में पहचान बना रहे हैं। अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने जनवरी में आयोजित जिला स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर जिले और गांव का नाम रोशन किया।
इससे पहले भी वह जिला स्तर पर दो स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुके हैं। इसी सफलता की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
अरिहंत की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार, विशेष रूप से पिता का महत्वपूर्ण योगदान है। उनके पिता कर्मबीर फार्मासिस्ट हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। अरिहंत के पिता उनकी खेल यात्रा में हर कदम पर साथ खड़े हैं और उन्हें लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं।
वर्तमान में अरिहंत सातवीं कक्षा के छात्र हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वह नियमित रूप से सुबह और शाम कराटे का अभ्यास करते हैं। उनके पिता प्रतिदिन उन्हें एकेडमी लेकर जाते हैं और वापस घर लाते हैं।
अरिहंत का कहना है कि उनके पिता का सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनके समर्थन और प्रोत्साहन के बिना इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि कराटे में मिली सफलता के पीछे उनके कोच द्वारा दिया गया सही प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास प्रमुख कारण हैं।
अरिहंत इसराना स्थित यूनाइटेड मार्शल आर्ट्स एकेडमी में कोच अंकित जागलान के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच अंकित जागलान ने बताया कि अरिहंत में शुरुआत से ही आगे बढ़ने की प्रबल इच्छा और सीखने का जुनून रहा है, जो किसी भी खिलाड़ी की सफलता के लिए बेहद जरूरी होता है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह अरिहंत कम उम्र में लगातार पदक जीत रहे हैं और बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, यदि वे इसी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ते रहे तो भविष्य में देश का नाम अवश्य रोशन करेंगे।