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कोरोना की वजह से मंदिर कमेटी ने बंद किए थे चुलकाना धाम के कपाट, ताला तोड़कर मंदिर में पहुंचे ग्रामीण

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कोरोना गाइडलाइन पालन करने में असमर्थता जताते हुए श्री श्याम बाबा मंदिर कमेटी ने फाल्गुन महोत्सव को रद्द करते हुए चुलकाना धाम मंदिर के कपाट बंद कर दिए थे। कपाट बंद होने से ग्रामीणों में रोष था। इससे नाराज लोगों ने रविवार की सुबह करीब 10 बजे लकीसर मंदिर प्रांगण में पंचायत की और फिर विश्व प्रसिद्ध श्याम बाबा मंदिर चुलकाना धाम पहुंच गए। श्याम बाबा के जयकारे लगाते हुए मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़कर ग्रामीण अंदर आ गए और कपाट खोल दिए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और तीन कर्मियों की वहीं पर ड्यूटी लगाई गई।
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क्षेत्र के गांव चुलकाना में विश्व प्रसिद्ध श्याम बाबा मंदिर है। मंदिर में हर वर्ष होली से दो दिन पहले फाल्गुन महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर की देखरेख मंदिर कमेटी की ओर से की जाती है। इस बार प्रशासन ने मंदिर कमेटी को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए सशर्त मेले की स्वीकृति देने की बात कही थी, लेकिन मंदिर कमेटी ने कदम पीछे खींचते हुए कहा था कि लाखों लोगों को बिना पुलिस प्रशासन के संभाला नहीं जा सकता है। न ही भीड़ में गाइड लाइन का पालन कराया जा सकता है। इसके बाद मंदिर कमेटी ने एक मार्च से 31 मार्च तक मंदिर के कपाट बंद करने का निर्णय लिया था।
मंदिर में किए श्याम के दर्शन
मंदिर के गेट खुलते ही स्थानीय लोगों सहित अन्य जगहों से आए हुए भक्तों ने मुख्य मंदिर में पहुंचकर श्याम बाबा के दर्शन करते हुए माथा टेका। पूरा मंदिर जय श्री श्याम, हारे के सहारे श्याम हमारे आदि जयघोष से गुंजायमान हो गया।
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- दो दिन बंद रखने के थे आदेश, एक मार्च तक कपाट बंद करने पर उठाया सवाल
ग्रामीणों ने कहा कि कोरोना को देखते हुए प्रशासन ने 25-26 मार्च को कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने की शर्त रखी थी, क्योंकि लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। मंदिर कमेटी की ओर से एक मार्च को ही कपाट बंद कर दिए गए। ग्रामीणों का कहना था कि दो दिन मंदिर बंद रखें, लेकिन पूरा महीना मंदिर के कपाट बंद रखना उनकी आस्था पर चोट है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- शरारती तत्वों ने तोड़ा है मंदिर के गेट का ताला
मंदिर कमेटी के उपप्रधान रोशन लाल का कहना है कि अगर पहले मंदिर बंद नहीं किया जाता तो दो दिन के दौरान श्रद्धालुओं को रोक पाना मुश्किल हो जाता, यह जरूरी था। लाखों लोगों को कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन कराना संभव नहीं है। शरारती तत्वों ने मंदिर के गेट का ताला तोड़ा है।
- पुलिस को दी शिकायत, फिलहाल रिपोर्ट दर्ज नहीं
मंदिर कमेटी के उप प्रधान रोशनलाल की ओर से मंदिर के गेट का ताला तोड़ने के मामले में शिकायत मिली है, मामले की जांच रही है। - अंकित कुमार, एसएचओ थाना समालखा
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