माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की विशेष अदालत पॉक्सो एक्ट ने किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। वीरवार को अदालत ने दोषी राजू उर्फ गोलू को 20 साल की कठोर कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर आरोपी को दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए हैं।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले के एक व्यक्ति ने चार अप्रैल 2024 को महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका कहना था कि उनके 11 बच्चे हैं जिनमें छह लड़के और पांच लड़की। सबसे छोटी बेटी की उम्र करीब 14 साल थी। तीन अप्रैल 2024 को उनकी बेटी घर से कुछ दूरी पर चाऊमीन लेने गई थी। रात को 11 बजे तक वह नहीं लौटी तो उन्होंने उसकी तलाश की। कुछ देर बाद किशोरी राजू उर्फ गोलू निवासी मेहुआ सलेमपुर जिला कौशांबी उत्तर प्रदेश हाल निवासी रामकरण कॉलोनी भैंसवाल रोड के घर के सामने मिली थी। जब किशोरी से पूछा तो उसने बताया कि राजू ने उसे कुछ काम होने की बात कहकर कमरे में बुलाया था। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
किशोरी का नागरिक अस्पताल में मेडिकल करा अदालत में बयान दर्ज कराए थे। मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि होने पर सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में 15 गवाह पेश किए गए और सबूत के तौर पर डीएनए रिपोर्ट पेश की। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत से आरोपी राजू को दोषी करार दिया है। दोषी को 20 साल की कैद और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।