पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने किला थाना पुलिस के अंतर्गत की एक किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी राजन को दोषी करार देकर 10 साल कैद और 45 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि 11 अप्रैल 2022 में महिला ने थाना किला में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि उनकी 17 साल की बेटी घर से लापता हो गई। उन्हें शक है कि राजन नाम का युवक उनकी बेटी को बहलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तुरंत ही किशोरी की तलाश शुरू कर दी।
तीन दिन बाद पुलिस ने किशोरी का बरामद कर लिया और मेडिकल के लिए जिला नागरिक अस्पताल पहुंची। जहां किशोरी ने मेडिकल कराने से इन्कार कर दिया, इसके बाद पुलिस ने उसके अदालत के सामने बयान दर्ज कराए और बाल कल्याण समिति के सामने पेश कर काउंसिलिंग कराई। काउंसिलिंग में किशोरी ने गलत काम होने की बात कही। जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी में पॉक्सो एक्ट की धारा लगाकर आरोपी राजन को गिरफ्तार कर लिया।
एडीए अनुप्रिया ने बताया कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की विशेष पॉक्सो एक्ट अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से 15 गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाही के बाद अदालत ने आरोपी राजन को दोषी करार दिया। दोषी को 10 साल की कैद और कुल 45 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।