पानीपत। नवरात्र के सातवें दिन माता के सातवें स्वरूप कालरात्रि के पूजन का विशेष महत्व है। प्राचीन सिद्ध श्री देवी मंदिर में सातवें दिन गांवों से भी श्रद्धालुओं माता के दर्शनों के लिए आते हैं।
मंदिर प्रबंधन ने भक्तों की सुविधा को देखते हुए बुधवार को पूरा दिन मंदिर के कपाट खुले रखने का फैसला लिया है। सामान्य दिनों में दोपहर 12 से सायं चार बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। इसके साथ सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ निजी सुरक्षाकर्मी भी लगाए गए हैं।
चैत्र नवरात्र के छठे दिन मंगलवार को माता के कात्यायनी रूप की पूज की। प्राचीन श्री देवी मंदिर तड़के की माता के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। लोगों ने दोपहर 12 बजे माता के दर्शन किए। इसके बाद शाम को चार बजे फिर से श्रद्धालु पहुंचने लगे। मंदिर में रात साढ़े नौ बले शयन आरती की गई। मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि तड़के पांच बजे मंदिर में माता का ताजा फूलों से शृंगार कर कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।
मंदिर प्रबंधन के प्रधान काकू बंसल ने बताया कि मंदिर में नवरात्र में सामान्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रहती है इसलिए मंदिर के कपाट सामान्य दिनों से दो घंटे अतिरिक्त खोले जाते हैं। सातवें नवरात्र पर गांव से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। इसलिए इस दिन मंदिर के कपाट पूरा दिन खुले रहते हैं। वहीं लाइन की व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर समिति के सदस्य पूरा दिन मंदिर में उपस्थित रहेंगे।