माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। परिवार में शादी के दौरान घर में घुसकर 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने जींद के धरौदी निवासी रोहित को दोषी करार दिया है। अदालत ने रोहित को 20 साल के कारावास और 45 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पीड़िता के परिजन ने 12 मार्च 2024 को थाना मतलौडा में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को परिवार में शादी थी और वह दुकान पर गए हुए थे। इसी दौरान रोहित घर में घुसा और उनकी 15 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद धमकी देकर वहां से चला गया।
अगले दिन किशोरी परीक्षा देकर घर लौटी थी। इसी दौरान रोहित दोबारा घर पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। तभी उसका पिता दुकान से घर आया। कमरे से आवाज सुनकर उसने शोर मचाया तो आरोपी धमकी देकर भाग गया। उसका आईफोन, कपड़े और जूते घर में ही छूट गए।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर रोहित को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए और डीएनए रिपोर्ट भी अदालत में रखी। डीएनए रिपोर्ट के मिलान के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।