पानीपत। गवाही से पलटने के लिए 70 लाख रुपये लेने और 80 लाख रुपये की मांग करने के मामले में पुलिस ने आरोपी महेंद्र चावला, उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम से पूछताछ तेज कर दी। दिनभर पूछताछ के बाद आरोपियों के अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस ने नकदी बरामद करने का प्रयास किया है।
आसाराम प्रकरण में मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला, उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम को शनिवार को गिरफ्तार किया था।
उनके खिलाफ सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह ने सनौली गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ चल रहे मुकदमों में पक्ष में गवाही देने और समझौते के नाम पर 70 लाख रुपये लिए थे। इन्होंने बाद में 80 लाख रुपये की मांग करते हुए ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे हैं। पुलिस ने सोमवार को तीनों को अदालत के सामने पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था।
पुलिस का कहना था कि आरोपियों ने 70 लाख रुपये उत्तराखंड के देहरादून, पंजाब के गुरदासपुर, यूपी और गुजरात के अन्य शहर में जानकारों के यहां रखे हैं। मंगलवार को पुलिस ने उनके बताए ठिकानों पर दबिश दी। जहां से पुलिस ने नकदी बरामद करने का प्रयास किया। हालांकि, अभी तक पुलिस ने बरामदगी के बारे में कोई खुलासा नहीं किया है। डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि अभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। रिमांड के दौरान बरामदगी के प्रयास चल रहे हैं।