मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहर से सटे गांव गढ़ सरनाई में महर्षि कश्यप के नाम पर स्कूल या छात्रावास बनाने की घोषणा की। इसके लिए ग्राम पंचायत से करीब चार एकड़ जमीन का प्रस्ताव बनाने के लिए कहा। उन्होंने स्कूल या छात्रावास को लेकर प्राथमिक स्तर पर 21 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। सीएम ने रिफाइनरी रोड स्थित एचएसआईडी में 132केवी सब स्टेशन का उद्घाटन किया। सीएम ने मंच से जाते-जाते सेक्टर-18 स्थित राजकीय कॉलेज का नाम महर्षि कश्यप राजकीय कॉलेज रखने का ऐलान किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने दूसरे शासनकाल में इसका नाम देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय रख चुके थे। मुख्यमंत्री ने मीडिया के पूछने पर इस बारे में अधिकारिक जानकारी लेने और ऐसा होने पर महर्षि कश्यप के नाम पर दूसरा महाविद्यालय या विद्यालय बनाने की बात कही।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल बुधवार को हुडा के सेक्टर 13-17 के ग्राउंड में प्रदेश स्तरीय महर्षि कश्यप प्रकाशोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि थे। इससे पहले उन्होंने समारोह स्थल पर ही 132केवी सब स्टेशन का उद्घाटन किया। अधिकारियों के अनुसार सब स्टेशन के निर्माण पर 12 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मंच पर महर्षि कश्यप के फोटो पर पुष्प अर्पित किए। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। समारोह संयोजक रघुनाथ तंवर कश्यप ने समाज की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इस मौके पर समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन संजय भाटिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज, पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र सलूजा, भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी, पूर्व विधायक रमेश कश्यप, नीतिसेन भाटिया, रोहतक से बाबा बलजीत मतौरिया, विक्की कश्यप, प्रदीप कश्यप, नरेश कश्यप, मदन चौहान, भीम कश्यप, महेंद्र बिंझौल, जगत सिंह, एमसी कश्यप, करताराम कश्यप, देवराज इंद्री, भानसिंह सरपंच, जगदीश सफीदों, धर्मबीर कश्यप, सुमेर कैथल, सत्येंद्र समालखा, परमजीत कौर कश्यप, प्रताप अंबाला, मोहनलाल कश्यप, अनीता आर्य, कर्मबीर कश्यप, सुनीता, सुमित्रा तंवर, किरण कश्यप, ज्योति सरपंच, प्रवीण बाबरपुर व कृष्णपाल कश्यप मौजूद रहे।
सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्पित
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सदी ज्ञान-विज्ञान और शिक्षा की है। शिक्षा और ज्ञान-विज्ञान के बल पर ही ऋषि कश्यप ने सारी दुनिया में भारत की ज्ञान पताका फहराई थी। उन्होंने ही संपूर्ण सृष्टि की रचना में अहम योगदान दिया। प्रदेश सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्पित हैं। सरकार ने पलवल में महर्षि विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने की गत दिनों घोषणा की थी। इस पर कार्य आरंभ कर दिया है।
महर्षि कश्यप प्रकोशोत्सव की छुट्टी रामनवमी को
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने समाज के लोगों की मांग पर महर्षि कश्यप प्रकोशोत्सव पर राजकीय छुट्टी रामनवमी के दिन करने की घोषणा की। उन्होंने इससे पहले समाज के लोगों से हाथ उठाकर समर्थन भी मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि का प्रकोशोत्सव भारतीय महीनों के हिसाब चैत्र मास की रामनवमी को मनाया जाता है। समाज के लोगों ने पहले तो इसका समर्थन कर दिया, लेकिन मुख्यमंत्री ने रामनवमी की पहले से ही छुट्टी घोषित होने की बात कही तो समाज के लोगों ने पांच अप्रैल को ही प्रकाशोत्सव के दिन का राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इस पर विचार करने आश्वासन दिया।
सर्वे के बाद पात्रों को मिलेगा पक्का मकान
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार एक मई से 31 जुलाई तक सर्वेक्षण करेगी। इसके तहत समाज के प्रत्येक परिवार की सभी जानकारी एकत्रित की जाएंगी। जो परिवार विकास की मुख्य धारा से पीछे हैं, उन्हें कौशल विकास के माध्यम से मुख्य धारा में लाया जाएगा। गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों का भी पुन: सर्वेक्षण होगा। जिन पात्र व्यक्तियों के पास अपना पक्का मकान नहीं होगा, उन्हें मकान दिया जाएगा। कौशल विकास के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे। लोगों को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने और प्रतिभाशाली छात्रों को चिकित्सा शिक्षा देने के लिए पानीपत सहित प्रदेश के शेष सभी सात जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
कश्यप समाज में भरा जोश
मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्यप समाज का इतिहास प्राचीन ही नहीं गौरवशाली भी है। कश्यप समाज ने रामायण काल में निषाद जैसे पराक्रमी राजा दिए हैं। भगवान राम जब वनवास जा रहे थे तो अपनी नाव के माध्यम से उन्हें पार उतारा था। उन्होंने कहा कि कश्यप गोत्र को सभी गोत्रों की मां कहा जाता है। इसलिए कश्यप समाज अपने आप को गौरवांवित समझें।
कश्यप सामाजिक दृष्टि से नहीं कमजोर
उन्होंने कहा कि कश्यप समाज शिक्षा और राजनैतिक दृष्टि से बेशक पिछड़ा है, लेकिन सामाजिक दृष्टि से पिछड़ा नहीं है। यह एक चिंतक और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के पंज प्यारों में भाई हिम्मत सिंह को शामिल किया था, जो इसी समाज से ताल्लुक रखते थे। गुरु गोविंद सिंह के सपुत्रों को युद्ध के दौरान पानी पिलाने के जुर्म में इसी समाज के व्यक्ति के पूरे परिवार को मुगलों ने समाप्त कर दिया था।
वर्ष 2017 गरीब कल्याण साल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच थी कि जब तक अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का उदय या विकास नहीं होगा, तब तक विकसित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। केंद्र सरकार ने उनके बताए मार्ग पर चलते हुए वर्ष 2017 को गरीब कल्याण वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। कहा कि रोजगार उपलब्ध करवाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
भाजपा ने हर वर्ग को ऊपर उठाया
भारत सरकार की खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि कुरुक्षेत्र से गीता का संदेश देने का जो काम प्रदेश सरकार ने किया है, वह किसी भी सरकार ने नहीं किया। आजादी के बाद दलित और पिछड़े वर्ग को ऊपर उठाने का काम भाजपा सरकार ने किया है। उन्होंने लिंगानुपात में सुधार के लिए प्रदेश सरकार की प्रशंसा की। कहा कि नरेंद्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने गरीब की पीड़ा और संवेदना को समझा है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे शराब और जुआ जैसे आचरणों को त्याग दें और अपने बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए अच्छी शिक्षा दें।
मनोहर लाल सबसे अलग सीएम
प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि उनके पास राजनीति का 25 साल का अनुभव है। उन्होंने अनेक सरकारों को नजदीक से देखा है, लेकिन सामाजिक उत्थान के लिए वर्तमान भाजपा सरकार ने जो फैसले लिए हैं, वे जातिवाद से ऊपर उठकर हैं। पहली बार किसी सरकार ने सरकारी तौर पर सभी संत-महात्माओं की जयंती मनाने का निर्णय लिया है। कहा कि जींद जिले में गुरु रविदास के नाम पर सौ करोड़ रुपये की लागत से कौशल विकास संस्थान स्थापित किया जाएगा।