माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम की ड्रेन नंबर-1 के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ शहर के लोग लामबंद होने लगे हैं। निगम प्रशासन पूर्व में तोड़े गए 85 कब्जों के बाद अब 237 मकानों और दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी में है। इसके विरोध में स्थानीय नागरिक और मजदूर संगठन भी एकजुट हो गए हैं। सैनी कॉलोनी के लोगों ने सीटू के बैनर तले प्रदर्शन किया और तीन सितंबर को छोटूराम चौक पर महापंचायत बुलाई है।
वहीं सेक्टर और हाउसिंग बोर्ड के लोगों ने भी निगम अधिकारियों से मिलने का प्रयास किया, लेकिन संयुक्त आयुक्त के नहीं मिलने पर रोष जताया। लोगों का आरोप है कि रजिस्ट्री और इंतकाल होने के बावजूद उनके मकानों को अवैध बताया जा रहा है।
निगम ने डीजीपीएस मशीन से पैमाइश करवाकर 237 लोगों के कब्जों को चिह्नित किया है। इन्हें तीसरी बार नोटिस दिया गया है। लोगों की मांग पर निगम ने दोबारा पैमाइश भी करवाई, जिसमें कुछ जगह कब्जा बढ़ा तो कहीं कम मिला। अब निगम ने मौके पर पक्के निशान लगा दिए हैं।
सैनी कॉलोनीवासी लामबंद : ड्रेन नंबर-1 के साथ बबैल रोड स्थित सैनी कॉलोनी के मकानों को नोटिस जारी किए गए हैं। मजदूर संगठन सीटू प्रभावित परिवारों के समर्थन में उतर आया है। स्थानीय निवासी रमेश, हरपाल और जितेंद्र ने बताया कि वे वर्ष 1988 से फुल पेमेंट एग्रीमेंट के माध्यम से जमीन खरीदकर पक्के मकान बनाकर रह रहे हैं। उनके पास रजिस्ट्री और इंतकाल भी हैं।
आरोप है कि करीब 38 साल बाद नगर निगम इस जमीन पर अपनी मालकियत का दावा कर रहा है। मौके पर 32 से 37 फीट चौड़ा रास्ता है, जबकि प्रशासन 80 फीट तक निशान लगाकर मकान तोड़ने की तैयारी में है। लोगों ने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों और रसूखदारों को बचाने के लिए गरीब परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है।
महापंचायत में गठित होगी न्याय संघर्ष समिति
सीटू के राज्य सचिव सुनील दत्त, माकपा जिला सचिव डॉ. सुरेंद्र मलिक और इंडस्ट्रियल वर्कर्स यूनियन के जिला प्रधान जय भगवान ने पीड़ितों को समर्थन दिया है। श्रमिक नेताओं ने कार्रवाई को गरीब विरोधी बताते हुए शहरी मजदूरों को भी 100-100 गज के प्लॉट देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि आशियानों को उजाड़ने के बजाय लोगों को आवास की सुविधा दी जाए। तीन सितंबर को छोटूराम चौक पर विरोध सभा में आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय कर न्याय संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा।
एचएसवीपी प्लॉटधारकों ने निगम कार्यालय में किया हंगामा
ड्रेन-1 की दोबारा निशानदेही से एचएसवीपी के वैध प्लॉटधारक भी प्रभावित हुए हैं। बुधवार को वे एग्रो मॉल स्थित निगम कार्यालय पहुंचे और संयुक्त आयुक्त से मिलने का प्रयास किया। आरोप है कि अधिकारी ने मामला डीटीपी से संबंधित बताकर मिलने से इन्कार कर दिया। इससे नाराज लोगों ने कार्यालय परिसर में हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस बुलानी पड़ी।
आकाश, एसके त्यागी, मीनू, सुषमा, सुभाष और जयवीर सहित निवासियों ने बताया कि उनके पास 1985 और उसके बाद एचएसवीपी द्वारा अलॉट किए गए प्लॉटों के वैध दस्तावेज हैं। इसके बावजूद मकानों को अवैध बताकर लाल निशान लगाए गए हैं।
कोर्ट जाने
की तैयारी
प्रभावित मकान मालिकों ने आरोप लगाया कि पहली और दूसरी निशानदेही में काफी अंतर है। पहले जिन मकानों पर कम कब्जे का निशान था, अब उसे बढ़ाकर पूरे मकान को दायरे में ले लिया गया है। दस्तावेज दिखाने के बावजूद सुनवाई नहीं होने पर लोगों ने जल्द कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
ड्रेन नंबर-1 की पैमाइश सबके सामने की गई है। किसी की आपत्ति या दावे हैं तो निगम उनकी सुनवाई कर रहा है। लोगों से शांति बनाए रखने और कार्रवाई में सहयोग की अपील है। बाधा डालने पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम