सनौली। शामलात देह की भूमि को मलकियत में करने और बाढ़ से खराब हुई फसल के मुआवजे पर चर्चा को लेकर रविवार को सनौली में 40 गांव के किसानों की महापंचायत होगी। इसे लेकर यमुना सुधार समिति के प्रदेश अध्यक्ष रतन सिंह रावल एडवोकेट ने समिति सदस्यों और किसानों के साथ यमुना के आसपास के दर्जनों गांवों का दौरा किया।
रतन सिंह रावल ने बताया कि जिले में यमुना के आसपास के करीब 40 गांवों में ज्यादातर जमीन शामलात देह के अर्तगत आती है। बार-बार मांग करने के बावजूद भी सरकार ने इस जमीन को किसानों की मलकियत नहीं बनाई। दूसरी ओर यमुना का तटबंध टूटने से करीब एक दर्जन गांवों के किसानों की हजारों एकड़ फसल में पानी भर गया। जिससे किसानों की कई हजार एकड़ सब्जियों की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो गई। ट्यूबवेलों के कोठे, बिजली की मोटर भी खराब हो चुके हैं। खराब फसल का ब्योरा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड करवाना है लेकिन शामलात वाली जमीन का ब्योरा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड होता ही नहीं है। इसलिए यमुना के आसपास के करीब 40 गांवों की किसान महापंचायत बुलाई गई है।