पानीपत। एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के एलिवेटेड हाईवे का डिजाइन और स्ट्रक्चर का मॉडल तलब करने के बाद एलएंडटी कंपनी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एनएचएआई की टीम के साथ पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ से थर्ड पार्टी निरीक्षण कराने पर अधिकारियों की सांसें फूली हुई हैं। वहीं जिला प्रशासन की ओर से गठित मजिस्ट्रेट कमेटी भी अपनी जांच करेगी। टीम को अन्य पीड़ितों के आगे आने का इंतजार है। वहीं एलएंडटी कंपनी अधिकारी चौथे दिन भी कुछ नहीं बोले।
विदित है कि एलिवेटेड हाईवे की ड्रेनेज पाइप का करीब 200 मीटर टुकड़ा सोमवार को दोपहर बाद करीब ढाई बजे जीटी रोड पर चल रही गाड़ियों पर गिर गया था। इसमें गाद और दूषित पानी भरा हुआ था। करीब दस इंच मोटे 200 मीटर पाइप में करीब 50 क्विंटल गाद भरने का अनुमान है। इसके नीचे एक स्विफ्ट डिजायर और लोडेड गाड़ी समेत करीब 12 कार और मोटरसाइकिल दब गई थी। इसमें सोनीपत के छतेहरा गांव निवासी कृष्ण, कैराना निवासी नौशाद और हरिनगर निवासी विमल समेत छह लोग घायल हो गए थे। प्रशासन ने इस मामले में एसडीएम पानीपत के नेतृत्व में पांच सदस्यीय मजिस्ट्रेट जांच बैठा दी थी।
वर्जन :
एलिवेटेड हाईवे की पाइप गिरने के मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी। इसमें पीड़ितों के साथ प्रत्यक्षदर्शियों को भी शामिल किया जाएगा। तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को शामिल किया गया है।
मनदीप सिंह, एसडीएम एवं अध्यक्ष जांच कमेटी।