पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत वीरवार को पूरी तरह से भक्ति के अलौकिक रंग में सराबोर नजर आई। श्री जगन्नाथ मंदिर पंचायत अग्रवाल वैश्य (रजि) द्वारा आयोजित 13वें वर्ष के रथयात्रा महोत्सव के तीसरे दिन शहर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई।
इस दौरान पूरा शहर जय जगन्नाथ और हरे कृष्णा के पावन उद्घोषों से गुंजायमान हो उठा। भगवान जगन्नाथ अग्रज भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ दिव्य स्वर्ण जड़ित रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। जगन्नाथ मंदिर में देर रात को रथयात्रा पहुंची।
इस बार की रथयात्रा का मुख्य आकर्षण यह रहा कि भगवान जगन्नाथ के साथ खाटू वाले बाबा श्याम ने भी पहली बार नगर भ्रमण किया और बाद में मंदिर में स्थापित हुए। सुबह व्यासपीठ के झूले पर विराजे प्रभु, नए वस्त्रों की सेवा रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत सुबह धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई। प्रातः काल से ही मंदिर परिसर में विद्वान पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और वेदना की गई। प्रदीप गुप्ता व अचि गुप्ता द्वारा भगवान जगन्नाथ को महोत्सव के पावन अवसर पर नए सुंदर वस्त्रों की सेवा अर्पित की गई। इसके बाद दोपहर लगभग 11 बजे भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा व बाबा श्याम को भव्य गर्भगृह से लाकर व्यास पीठ पर झूले पर विराजमान कराया। भक्तों ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए।