पानीपत। कथावाचक स्वामी ब्रह्मस्वरूपानंद महाराज ने कहा कि जीव को पाप से मुक्ति केवल श्रीमद्भागवत कथा से ही मिल सकती है। ऐसे में लोगों को इसको सुनने के साथ जीवन में अपनाना चाहिए।
उन्होंने ये उद्गार सेक्टर-24 स्थित गुर्जर भवन में श्रीमद्भागवत कथा में वीरवार को कहे। स्वामी ब्रह्मस्वरूपानंद महाराज ने कहा कि भागवत पुराण मुख्यत भक्ति योग, ज्ञान और वैराग्य का वर्णन है। इसमें निहित गाथाओं का मुख्य लक्ष्य मानव जी वन को जीवन मरण के बंधन को जीवन मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करना है। उन्होंने कपिल मुनि और जड़ भरत के प्रसंग के माध्यम से स्पष्ट किया कि काम, क्रोध, मोह, अहंकार और वासनाओं में संलिप्त प्राणी पाप कर्मों में जब भी फंस जाता है तो वह बुद्धि और विवेक से हीन हो जाता है। उसे महापुरुषों की शरण में आने पर भागवत कथा श्रवण से उसके पाप धूल जाते हैं। ऐसे प्राणियों के लिए भागवत ही सर्वोत्तम महा औषधि है। कथा के बाद महाराज ने भगवान के मधुर भजनों का गुणगान किया जिसका श्रद्धालुओं ने पूर्ण आनंद लिया। समापन पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर जगदीश चौहान, नरेंद्र चौहान, गिरिजेश, विनय, जनसेवा दल कृष्ण मनचंदा, चमन गुलाटी, यश बागा व युधिष्ठिर शर्मा उपस्थित रहे।