पानीपत। आजाद नगर, राजनगर में शराब ठेके के विरोध में हंगामे और जबरन शराब ठेके को बंद कराने का मामला कोर्ट में पहुंच गया है। ठेकेदार ने पानीपत सिविल कोर्ट सीनियर डिवीजन में याचिका दाखिल की। जिसमें प्रदेश सरकार, डीसी, एसपी, डीटीसी आबकारी और थाना मॉडल टाउन प्रभारी और आठ मरला चौकी प्रभारी को पार्टी बनाया है।
उनका कहना है कि राजनीतिक दबाव में लाइसेंसी ठेके पर हमला किया गया और जबरन ठेके को बंद कराया गया।
ठेकेदार ने ठेका बंद होने से हुए नुकसान के लिए 10 लाख रुपये का हर्जाना और ठेके के वैध संचालन की मांग की है। इन सबके बीच मंगलवार को तीसरे दिन ठेका सामान्य रूप से चला। यहां कोई विरोध करने नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों के ठेका हटाने की दो दिन की अवधि वीरवार को पूरा होगी। ठेकेदार के कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर स्थानीय लोगों के साथ प्रशासन व पुलिस की भी परेशानी बढ़ गई है। अधिवक्ता ने बताया कि एम-एस प्रदीप कुमार एंड कंपनी के प्रोपराइटर ठेकेदार सुरेश कुमार सिविल कोर्ट सीनियर डिवीजन की अदालत में मंगलवार को एक याचिका दाखिल की।
उन्होंने कहा कि उन्होंने आबकारी विभाग से वैध लाइसेंस लेकर राजनगर में ठेका शुरू किया था। लाइसेंस जारी करने से पहले उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर स्वीकृति दी थी। यही नहीं शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में ठेके से 200 मीटर की दूरी पर कोई मान्यता प्राप्त स्कूल भी नहीं है। इसके बाद भी स्थानीय दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते व्यापार बंद करवा दिया गया।
अधिवक्ता ने कहा कि यह केवल एक कारोबार की लड़ाई नहीं है। बल्कि एक लाइसेंसी, वैध व्यापार को गैरकानूनी तरीके से बंद करवाने, पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता और अभिव्यक्ति व व्यापार की स्वतंत्रता के उल्लंघन का गंभीर मामला है। राजनीतिक रूप से प्रेरित भीड़ ने ठेके पर हमला किया, शराब व नकदी लूटी और सेल्समैन को आठ घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इसके बावजूद न तो कोई एफआईआर दर्ज की गई और न ही ठेकेदार को कोई सुरक्षा प्रदान की गई।
विरोध के बावजूद खुला शराब का ठेका, स्थानांतरण पर नहीं बनी सहमति : आजाद नगर में निर्माणाधीन अंडरपास के पास शराब ठेका कॉलोनीवासियों के विरोध के बावजूद मंगलवार को भी खुला।
ठेके को दूसरे स्थान पर स्थानांतरण करने पर फिलहाल कोई सहमति नहीं बन सकी। पुलिस लगातार दोनों पक्षों से बात कर रही है। क्षेत्रवासियों ने आबकारी अधिकारियों और शराब ठेकेदार पर मनमानी करने के आरोप लगाए हैं। रविवार को शराब ठेके का आजाद नगर, राजनगर और संजय नगर की महिलाओं और पुरुषों ने विरोध किया था। शराब ठेकेदार के साथ हाथापाई हुई थी और भीड़ ने जबरन शराब का ठेका बंद करा दिया था।