पानीपत। आजाद नगर में शराब ठेके के विरोध प्रकरण में वीरवार को सिविल कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। जिसमें सभी पक्षों ने अपने-अपने तर्क पेश किए। सुनवाई के बाद अदालत ने स्टे (स्थगनादेश) जारी कर दिया। फिलहाल ठेका यथा स्थिति में रहेगा। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
उधर कॉलोनीवासियों का कहना है कि वह शुक्रवार को विधायक से इस प्रकरण में मुलाकात करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति तैयार होगी। बीते रविवार को आजाद नगर में कॉलोनीवासियों ने शराब ठेके का विरोध किया था। महिलाओं ने ठेके को जबरन बंद करा दिया था।
सोमवार को जिला सचिवालय पर धरना प्रदर्शन कर ठेके को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की थी। आश्वासन मिलने के बावजूद ठेके को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जा सका था। इसके बाद ठेकेदार सुरेश ने सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसमें उपायुक्त, एसपी, डीईटीसी अधिकारी, थाना मॉडल टाउन प्रभारी व आठ मरला चौकी इंचार्ज को पार्टी बनाया है। उनका कहना है कि राजनीतिक दबाव में लाइसेंसी ठेके पर हमला किया और जबरन ठेके को बंद कराया गया।
वीरवार को इस मामले में सिविल कोर्ट सीनियर डिवीजन में सुनवाई हुई। जिसमें ठेकेदार, कॉलोनीवासियों, आबकारी विभाग और पुलिस की ओर से अपना अपना पक्ष रखा। आबकारी विभाग ने कहा कि ठेका लाइसेंस जारी करने के लिए सभी शर्तों का पालन किया गया। कॉलोनीवासियों की ओर से तर्क दिया गया है ठेका राजनगर में होना चाहिए। लेकिन ठेकेदार ने ठेका आजाद नगर में खोला है। सिविल कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने स्टे (स्थगनादेश) जारी कर दिया। फिलहाल ठेका यथा स्थिति में रहेगा। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस को भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के आदेश दिए हैं।