पानीपत। पहाड़ों में बर्फबारी के बाद मौसम ने सोमवार को एक साथ करवट ली। हल्की बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। इससे किसानों ने राहत महसूस की। सुबह करीब सात बजे हल्की बारिश शुरू हो गई। इसराना व मतलौडा क्षेत्र में बारिश कुछ तेज हुई। बारिश से अधिकतम तापमान एक साथ पांच डिग्री कम हो गया।
सोमवार का अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की तेज रफ्तार 13 किलोमीटर प्रति घंटा रही। इससे अन्य दिनों की अपेक्षा ठंड बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस मौसम की बारिश गेहूं की फसल पर सोना बनकर बरसी।
ठंड बढ़ने पर किसानों के चेहरे खिल गए हैं। रविवार शाम को ही आसमान में बादल छा गए थे। सोमवार सुबह बादल गहरा गए। सुबह सात बजे ही हल्की बारिश शुरू हो गई। यह करीब नौ बजे तक चली। इसके बाद दिनभर कई बार रुक-रुक बूंदाबांदी चली।
हवा की रफ्तार 13 किलोमीटर प्रति घंटा रही। जिसके चलते ठंड बढ़ गई। अधिकतम तापमान पांच डिग्री घटकर 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को दिन में अधिकतम तापमान कुछ बढ़ सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान होगा। बुधवार और वीरवार को न्यूनतम तापमान पांच और छह डिग्री पर आ सकता है। कृषि विभाग के अनुसार जिला में करीब 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल का उत्पादन होता है। किसान अगैती फसल की पहली सिंचाई कर चुके हैं। कुछ किसान इसमें दूसरी सिंचाई की तैयारी में हैं। इस समय बारिश होना गेहूं की फसल के लिए सबसे फायदेमंद है। किसान राजबीर और इंद्र सिंह ने बताया कि वे अपने खेतों में गेहूं की फसल की सिंचाई करने की तैयारी में थे। इस समय हल्की बारिश आने से एक सिंचाई का काम पूरा हो गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल फुटाव पर है। गेहूं की फसल के लिए बारिश खाद का काम करेगी। इससे दीमक भी खत्म होगी। किसान इस समय ट्यूबवेल से सिंचाई न करें। मौसम साफ होने के बाद जरूरत के अनुसार सिंचाई करें। इसके अलावा खरपतवारनाशक का छिड़काव भी किया जा रहा है।