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Panipat News: खरीद के साथ उठान भी अटकी, किसान परेशान

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पानीपत। मंडियों में पीआर धान की खरीद और उठान दोनों ठप हैं। यह करीब 25 दिन से अटकी हैं। आकड़ों पर नजर डालें तो करीब पौने दो करोड़ की पेमेंट बकाया है। वहीं करीब 18.58 करोड़ रुपये की धान की खरीद नहीं हुई है। ऐसे में किसानों की दिवाली और दूसरे त्योहार भी फीके रहे हैं।
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जिले की छह मंडियों में धान की खरीद चल रही है। यहां पीआर किस्म की धान की खरीद को लेकर हैफेड और एचडब्ल्यूसी एजेंसी को मंडी अलॉट की गई है। एजेंसियों ने शुरुआत में ही धान की खरीद शुरू कर दी। लेकिन मंडियों में मिलर अलॉट नहीं किए गए। ऐसे में करीब 25 दिन पहले मामला उठने पर खरीद और उठान दोनों बंद कर दी गई। अधिकारियों ने आनन-फानन में मंडियाें में मिलर अलॉट किए। इस बीच पांच दिनों का दीपोत्सव आ गया। किसान मंडी में धान लगातार लाते रहे। लेकिन इसकी खरीद और उठान करने वाला कोई नहीं मिला। कई मंडियों में धान की 1509 किस्म की आवक में तेजी होने पर रास्ता नहीं मिल पा रहा है। आढ़तियों के साथ किसानों ने रोष प्रकट करना शुरू कर दिया।
सरकारी रिकॉर्ड पर नजर डाले तो जिले की मंडियों में पीआर किस्म की 24505 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। हैफेड और एचडब्ल्यूसी ने पीआर के साथ कॉमन धान की करीब 21726 मीट्रिक टन की खरीद की है। इसमें से 13066 मीट्रिक टन का उठान किया है। जबकि 8629 मीट्रिक टन धान की उठान बाकी है। मंडियों में पीआर किस्म की आवक की बात करें तो यह 24505 मीट्रिक टन है। एजेंसी इसमें से 16427 मीट्रिक टन धान की खरीद कर पाई हैं। सरकारी आकड़ों पर नजर डालें तो अब तक करीब 30.27 करोड़ की धान दोनों एजेंसियों ने खरीद की है। एजेंसियों ने करीब 28.49 करोड़ रुपये की पेमेंट करने का दावा किया है। बावजूद इसके किसानों के करीब पौने दो करोड़ की पेमेंट बकाया है। वहीं करीब 18.58 करोड़ रुपये की धान की खरीद बकाया है।
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अच्छे से नहीं मना पाया त्योहार
किसान सुमेर सिंह, रमेश कुमार और ईश्वर जागलान ने बताया कि पीआर धान की किस्म काफी उम्मीदों के साथ लगाई थी। उनको अनुमान था कि समय पर कटाई कर परिवार के साथ अच्छी दिवाली मनाएंगे। उन्होंने 20 दिन पहले पीआर धान बेचा था। इसकी पेमेंट आज तक नहीं मिल पाई है। आढ़ती खरीद एजेंसी का नाम लेकर टाल देते हैं। खरीद एजेंसी के अधिकारियों के पास कोई संंतोषजनक जवाब नहीं होता था। ऐसे में किसानों का दिवाली जैसा त्योहार भी अच्छे से नहीं मन पाया।


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आढ़तियों को उठाना पड़ रहा नुकसान
खरीद एजेंसियों की लापरवाही के चलते आढ़ती पिस रहा है। एजेंसी ने धान की खरीद कर आढ़ती की दुकान के बाहर रख दी। एजेंसी उठान पर इसका वजन कराएगी। इसमें वजन कम मिलने पर आढ़ती पर कटौती की जाएगी। मतलौडा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बिजेंद्र टामक ने बताया कि आढ़ती का काम किसान को फसल उतारने के लिए जगह देना और एजेंसी की मध्यस्थता करना है। एजेंसी धान उठान के समय वजन कम मिलता है तो आढ़ती पर इसका हर्जाना भरना पड़ता है। ऐसे में आढ़तियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन सबके बीच इसराना की नई अनाज मंडी में आढ़तियों ने रविवार को बैठक कर एजेंसियों की अनदेखी पर रोष प्रकट किया। प्रधान जयकरण जागलान ने कहा कि धान का वजन घटने पर आढ़तियों के पैसे में कटौती की जाएगी। यह सरासर गलत है। एजेंसियों की लापरवाही से उठान नहीं हुई है।


वर्जन :
मंडियों में मिलर अलॉट न होने से खरीद व उठान बंद था। रविवार और दिवाली की छुट्टियों के चलते खरीद व उठान की शुरुआत नहीं हो सकी थी। इसको सोमवार से तेज किया जाएगा। किसानों को जल्द ही पेमेंट जारी की जाएगी।
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रणबीर सिंह, प्रबंधक, एचडब्ल्यूसी।
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