सनौली। यमुना से सटे गांवों में एक बार फिर तेंदुआ देखा गया है। इस बार सनौली खंड के मोहाली गांव में ग्रामीणों ने तेंदुए को देखा है। तेंदुए से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों का दावा है शनिवार को तेंदुए ने एक भैंस को अपना शिकार बनाने की कोशिश की, जब ग्रामीणों ने शोर मचाया तो तेंदुआ खेत में भाग गया। तेंदुए के पैरों के कई जगह निशान देखे गए। तेंदुए की सूचना मिलते ही गांव के सरपंच मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस व वन्य जीव विभाग को इसकी सूचना दी। वन्य जीव विभाग के निरीक्षक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। खेतों का निरीक्षण किया गया लेकिन तेंदुए का पता नहीं चल पाया। इसलिए विभाग की ओर से तेंदुए की पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
गांव के सरपंच गुलशन,पूर्व सरपंच प्रतिनिधि राजेश व डाॅ. विनीत ने बताया कि तेंदुए से ग्रामीणों में भय बना हुआ है और लोगों ने खेतों में जाना भी कम कर दिया गया है। तेंदुए जैसे जानवर के पैरों के निशान भी मिले हैं। उनकी प्रशासन से मांग है कि अगर तेंदुआ है तो जल्द उसको रेसक्यू किया जाए। विदित है कि 16 जून को गांव भैसवाल गांव के खेतों के पास से गुजर रही ड्रेन नंबर दो के सीवरेज पाइप से वन्य जीव विभाग की टीम ने एक तेंदुआ पकड़ा था। तेंदुए ने नौ जून को यूपी के गांव मंडावर गांव में एक चार वर्षीय बच्ची को मार दिया गया था। उस तेंदुए के पकड़े जाने पर यमुना के आसपास के दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी लेकिन अब इस दूसरे तेंदुए के खौफ से भय बना हुआ है। इससे पहले बहरामपुर स्थित एक फैक्ट्री के पास से करीब एक साल पहले भी एक तेंदुआ पकड़ा गया था। तेंदुए ने पुलिस कर्मियों व वन विभाग के अधिकारियों को घायल कर दिया था।
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इस बारे में वन्य जीव विभाग के निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि शनिवार रात को ग्रामीणों की सूचना पर मोहाली गांव की महात्मा गांधी बस्ती में गए थे। लोगों से पूछताछ की गई है। हालांकि जिस तरह से बस्ती वासी बता रहे है, उससे लगता है कि तेंदुआ हो भी सकता है लेकिन अभी वे किसी तरह की तेंदुए को लेकर पुष्टि नहीं कर सकते।