माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बिजली का भारी भरकम बिल देखकर भारत नगर के धर्मपाल को लकवा (पैरालिसिस) हो गया। आरोप हैं कि निगम का पहले 500 रुपये प्रति महीने बिल आता था। वह आसानी से भर देता था। अब निगम ने एक साथ 1.11 लाख रुपये का बिल थमा दिया। अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
धर्मपाल ने मंगलवार को सीजीआरएफ (उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम ) में अपना दुखड़ा सुनाया। दरबार जिला सचिवालय 33 केवी सब स्टेशन के सभागार में लगाया। दरबार में छह पुरानी और तीन नई शिकायत दर्ज की। इनमें से दो पुरानी शिकायतों का समाधान मौके पर ही किया गया। इनमें ज्यादातर गलत बिल की रही। चेयरमैन योगराज सिंह, मेंबर फाइनेंस तरुण गुप्ता व चेयरमैन के निजी सचिव देव शरण ने सब स्टेशन में सीजीआरएफ के दरबार में शिकायत सुनी। भारत नगर के धर्मपाल ने बताया कि वह जूते गांठने का काम करते हैं। उनका घरेलू बिजली कनेक्शन है। उनका हर महीने 500 रुपये तक बिल आता था। अब निगम ने एक साथ 1.11 लाख रुपये का बिल भेज दिया। इतना बिल देख उनको रात में लकवा तक लग गया। निगम कार्यालय में पता कराया तो बताया कि पहले एवरेज बिल जा रहा था। अब एक साथ रीडिंग के अनुसार भेजा है। पिछले तीन साल से अब उसे ठीक कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। इसका कोई समाधान नहीं निकला। इस मौके पर सिटी सब डिवीजन एसडीओ यतेंद्र कटारा, एसडीओ इसराना नरेश कुमार, सीए राममेहर, खैराती लाल, नरेश व एलडीसी जितेंद्र मौजूद रहे।