पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में अब लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन की सेवाएं शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा की ओर से दो मशीन की मुख्यालय में मांग भेजी गई है। इस मांग पर मुख्यालय से मोहर लग गई है। चुनाव के बाद यह मशीनें जिला नागरिक अस्पताल को मिलने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिला नागरिक अस्पताल में चीर फाड़ से ही ऑपरेशन होते थे। ऐसे में मरीज चीर फाड़ से ऑपरेशन कराने में पीछे हट जाते थे। इसलिए नाममात्र ही ऑपरेशन हो रहे थे। इससे पहले लेप्रोस्कोपी से छह सितंबर 2023 को एक महिला की सर्जरी की गई थी। डॉक्टरों ने सर्जरी से छह सेंटीमीटर की गांठ निकाली थी। डॉक्टरों के अनुसार यह मशीन खास कारगर नहीं है। इसलिए दूसरी मशीनों की मांग भेजी गई है। लेप्रोस्कोपी से क्रोहन रोग, पत्थरी, अल्सरेटिव कोलाइटिस, डायवर्टीकुलिटिस, कैंसर, रेक्टल प्रोलैप्स की सर्जरी की जा सकती है।
लेप्रोस्कोपी एक अत्याधुनिक सर्जरी पद्धति है। इसका इस्तेमाल शरीर के अंदर की समस्याओं का निदान और इलाज करने के लिए किया जाता है। इसमें पेट में छोटे कट लगाकर, उसमें से एक पतली रोशनी वाली ट्यूब (लेप्रोस्कोप) डाली जाती है। लेप्रोस्कोप में लगे वीडियो कैमरे की मदद से, सर्जन पेट के अंदर की छवियां देखते हैं। इन छवियों को कंप्यूटर स्क्रीन पर देखा जा सकता है। लेप्रोस्कोपी की मदद से, सर्जन अंगों का निरीक्षण कर सकते हैं, उन पर ऑपरेशन कर सकते हैं।
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लेप्रोस्कोपी के फ़ायदे
- यह एक न्यूनतम आक्रामक प्रक्रिया है, जिसमें पेट में बहुत छोटा कट लगाया जाता है।
- इसमें अक्सर कम समय लगता है और रिकवरी भी तेज़ होती है।
- इसमें सामान्य एनेस्थीसिया का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए सर्जरी के दौरान दर्द नहीं होता।
- ऑपरेशन का निशान भी काफी कम होता है।
वर्जन-
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि जल्द से जल्द जिला नागरिक अस्पताल में लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन की सेवाएं शुरू करने का प्रयास है। मशीनों की मांग पर मोहर लग चुकी है। यह सेवाएं शुरू होने से लोगों को बहुत राहत मिलेगी। उनके पास तीन जनरल सर्जन व तीन गायनोकॉलोजिस्ट हैं। जो इन तकनीक का इस्तेमाल करेंगे।