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Panipat News: सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों ठगे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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समालखा। गांव डिडवाड़ी के रहने वाले एक व्यक्ति ने दिल्ली और पंजाब के चार लोगों पर सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने का आरोप लगाया है। समालखा थाना पुलिस ने इसमें आरोपियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में ऋषि कुमार निवासी गांव डिडवाड़ी ने बताया कि उसकी कोशिक टेक्सटाइल्स नाम से गांव में ब्लीचिंग फैक्टरी है। उसकी दलीप कुमार शर्मा व उसकी पत्नी कविता शर्मा गांव जडोडा दिल्ली, संजीव थापर और उसकी पत्नी मीनाक्षी थापर निवासी बठिंडा पंजाब से लगभग पांच साल पहले मुलाकात हुई थी। उन्होंने बताया था कि केंद्र व राज्य में उच्च स्तर पर जान-पहचान है और वे सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। अभी तक वे कई बच्चों को सरकारी नौकरी लगवा चुके हैं। उनके साथ बातचीत व फोन पर संपर्क होने लगा। उसने अपने बेटे विकास को सरकारी नौकरी लगवाने की बात की तो वे नवंबर 2018 में फैक्टरी में मिलने आए।
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उन्होंने उसके बेटे को 10 लाख रुपये में डाॅक्टर लगवाने की बात कही। लगभग एक महीने बाद उसने डेढ़ लाख रुपये उनके खातों में ट्रांसफर किए। इसके बाद 26 दिसंबर 2018 को आरोपियों ने दिल्ली में उन्हें बुलाया और ऑनलाइन नेट पर चेक करवाते हुए कहा कि आपका काम हो गया और शेष रकम दे दो। उसने तीन दिन का समय लेने बाद 30 दिसंबर 2018 को अपनी फैक्टरी डिडवाड़ी में पांच लाख रुपये नकद दिए। उसके बाद ये बाकी पैसे के लिए दबाव बनाने लगे तो पीड़ित पक्ष ने उन्हें ज्वाइनिंग कराने की बात की। इस पर उन्होंने कहा कि डाक्टर का काम नहीं हो पाएगा, रेलवे में लोको पायलट में काम हो जाएगा। मना करने और पैसे वापस देने की बात कहने पर उन्होंने कहा कि पैसे तो हमने आगे दे दिए।
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उन्होंने रेलवे में एक महीने में नौकरी लग जाने की बात कही। राजेंद्र निवासी गांव नरायणा ने उसके पड़ोसी के लड़के रोहित निवासी गांव नारायणा को लगवा दो और उसके कागजात उन्हें दे दिए। आरोपियों ने 21 जनवरी 2019 को रोहित का काॅल लेटर दे दिया और ज्वाइनिंग के लिए बाकी पैसे देने को कहा। जिसके बाद उन्होंने साढ़े तीन लाख रुपये उनके खाते में डलवा दिए। इसके बाद आरोपी उस लड़के को भुवनेश्वर ट्रेनिंग पर लेकर गए और 20 दिन तक घुमा फिरा कर वापस आ गए। बाद में पता चला कि वह लेटर भी फर्जी है। शिकायकर्ता ने आरोप लगाया कि जब इनसे पैसे वापस देने की बात कही तो ये लोग समय पर समय देते रहे और आखिर में पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने लगे। इसकी शिकायत उसने पहले भी कई बार दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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