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सिविल अस्पताल में दर्द तक की दवा का अभाव

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पानीपत। सिविल अस्पताल में लाइट ना होने के कारण अंधेरे में दवाईयां लेने के लिए लाइन में खड़े हुए ल? - फोटो : Panipat
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पानीपत। सिविल अस्पताल पिछले कई माह से दवाओं के अभाव से जूझ रहा है। अस्पताल की डिस्पेंसरी में दवाओं का महज 50 प्रतिशत स्टॉक ही उपलब्ध है। 42 करोड़ से बने सिविल अस्पताल में उल्टी, ग्लूकोज, एंटीबॉयोटिक और दर्द तक की दवा उपलब्ध नहीं है। इनके अलावा यहां संक्रमण और उल्टी रोकने की दवा भी नहीं। मजबूरन रोगियों को बाहर से दवा लेने पड़ती है।
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मरीजों को आधे से अधिक दवाएं बाहर से ही खरीदनी पड़ रही है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने डिस्पेंसरी के बाहर वर्ष 2018 में 201 दवाओं का बोर्ड लगाया था। आज तक इस बोर्ड को अपडेट तक नहीं किया गया है। मौसमी बीमारी के कारण अस्पताल की ओपीडी 1200 से अधिक हो चुकी है। हर रोज दवाओं के लिए रोगियों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
आंखों के रोगों की एक तो उल्टी रोकने की कोई दवा नहीं
सिविल अस्पताल में आंखों के रोगों की छह दवा होनी चाहिए। कई माह से इस अस्पताल में आंखों में होने वाली बीमारियों के उपचार के लिए सिर्फ एक ही दवा उपलब्ध है। आंखों की सभी बीमारियों में उसी दवा को दिया जा रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ बाहर की दवाइयां नहीं लिखते। अस्पताल में उल्टी को रोकने के लिए भी दवा उपलब्ध नहीं है।
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अस्पताल में दर्द निवारक दवा तक नहीं
सिविल अस्पताल में दर्द निवारक तक उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर जांच के बाद पर्ची पर दर्द निवारक लिखते हैं लेकिन अस्पताल में दर्द निवारक है ही नहीं। मरीजों को यह दवा बाहर से लेनी पड़ती है।
पेट में दर्द की दवा नहीं मिली
सुमन का कहना है कि उनके पेट में दर्द होता है। डॉक्टर से जांच कराई। डॉक्टर ने चार दवाएं लिखी थी। इसमें से अस्पताल से महज एक ही दवा मिली। दर्द की दवाएं तक नहीं मिलीं।
सरकार गरीबों की ओर ध्यान दें
अतर सिंह ने बताया कि उसके पूरे शरीर में कई दिनों से दर्द है। डॉक्टर ने पांच दवा लिखीं, इसमें से दो दवा ही मिली। अब बाहर से दवा खरीदनी पड़ेगी। उनकी सरकार से अपील है कि गरीबों की ओर ध्यान दें।
तीन में से सिर्फ एक दवा मिली
जयपाल का कहना है कि गरीब लोग दूर दूर से अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। उसे कई दिनों से बुखार व कमजोरी महसूस हो रही थी। डॉक्टर से जांच कराई। डॉक्टर ने तीन दवा लिखी इनमें से एक ही दवा यहां मिली।
डॉक्टर ने लिखी पांच, मिली दो दवाएं
हरिंद्र सिंह का कहना है कि उनकी पेट में रसोली है। यहां कभी पूरी दवा नहीं मिलती। सोमवार को भी पांच में से महज दो दवा ही मिली हैं। सरकार से अपील अस्पताल की व्यवस्था को सुधारें।
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परेशानियों को दूर करने का हो रहा प्रयास
रोगियों को हो रही परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता की डिटेल ली जाएगी। दवाओं की मांग भेजेंगे।
- डॉ. श्यामलाल, पीएमओ सिविल अस्पताल
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