एलएनटी कंपनी ने शहर में जीटी रोड के कब्जे को हटवाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है और दुकानदार व शोरुम संचालकों का रिकार्ड तलब किया है। एलएनटी इस पर पैमाइश में उक्त लोगों के रिकार्ड को भी देखेगी। जिसके बाद दुकानदारों व शोरुम संचालकों की धड़कन बढ़ गई है।
एलएनटी के ऑपरेशन मैनेजर एसके झा वीरवार को जीटी रोड पर शहर के हिस्से में पहुंचे। उन्होंने जीटी रोड बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों को भी बुलाया। ओएम एसके झा ने रैडक्रॉस सचिव विकास कुमार से बात की और रैडक्रॉस की बिल्डिंग का रिकार्ड दिखाने की कही। इसके अलावा जीटी रोड स्थित अन्य दुकानों व शोरुम संचालकों के पास पहुंचे और उनको रिकार्ड तैयार रखने की कही। विदित है कि जीटी रोड पर शहर के हिस्से में कब्जा है। रैडक्रॉस के अलावा सब पोस्ट ऑफिस समेत कई दुकान व शोरुम जीटी रोड की कब्जाई जमीन पर बनाए गए हैं।
जिला बार एसोसिएशन के कुछ वकीलों ने जनहित को देखते हुए मुद्दे को उठाया और जीटी रोड बचाओ संघर्ष समिति बनाकर अपनी बात रखी। कोर्ट के आदेश में जीटी रोड की पैमाइश कराई गई। जिसमें जीटी रोड पर करीब 35 कब्जे मिले। लालबत्ती चौक पर सबसे ज्यादा कब्जे मिले। प्रशासन ने कब्जे हटवाने की बात कही थी, लेकिन फिर ठंडे बस्ते में चली गई। समिति सदस्य तीन दिसंबर को डीसी से मिले और एनएचएआई अधिकारियों पर मिलीभगत करने का आरोप लगाया। डीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जीटी रोड की पुन: पैमाइश करने और रिपोर्ट 31 दिसंबर तक देने के आदेश दिए।