शहर के केपीएके महाविद्यालय में ऋषि बोधोत्सव के अंतर्गत वैदिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई गई।
अंबाला सिटी। केपीएके महाविद्यालय में ऋषि बोधोत्सव के अंतर्गत वैदिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई गई। इस अवसर पर जेएस नैन ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। प्रतियोगिता में आरएन मित्तल, मंत्री आर्य समाज डीएवी कॉलेज रोड अंबाला शहर एवं हिमांशु शर्मा संस्कृत प्राध्यापिका डीएवी कॉलेज अंबाला शहर ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। संजू मित्तल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया, इसके उपरांत प्रधानाचार्या रेखा गोयल भागी ने अतिथियों का ओम का पटका पहनाकर व स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।
विद्यालय की छात्राओं की ओर से गणेश वंदना की प्रस्तुति दी गई। विद्यार्थियों ने योगासन की प्रस्तुति देकर योग को अपनाने और तनावमुक्त रहने का संदेश दिया। केपीएके महाविद्यालय की टीम प्रथम, सोहन लाल डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल व मुरलीधर डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल द्वितीय स्थान और आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल व मेजर आरएन कपूर डीएवी स्कूल तृतीय स्थान पर रहे। डीएवी पब्लिक स्कूल बराड़ा व डीएवी पब्लिक स्कूल, कैथल ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
मुख्यातिथि जेएस नैन ने विद्यार्थियों व श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज यदि बच्चों को संस्कारवान बनाना है तो इसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी अभिभावकों और अध्यापकों की है। भारत की तो अतिथि देवो भव की प्रथा रही है, लेकिन आज वह भारत कहीं खो गया है। माता-पिता को चाहिए कि वह अपने बच्चों को पूरा समय दें। घर का वातावरण ऐसा बनाएं कि बच्चों में संस्कार स्वत: ही विकसित हो जाएं। अध्यापकों को भी बच्चों को संस्कारवान बनाने में पूरा सहयोग देना होगा क्योंकि बच्चे अपने अध्यापकों का अनुसरण सबसे ज्यादा करते हैं। प्रतियोगिता के अंत में विजयी रही टीमों को पुरस्कृत किया गया।